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डेंगू की आशंका, कार्ड टेस्ट में दो मरीज मिले पाजिटिव

Mon, 08 Aug 2016 02:05 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
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पीजीअाइ राेहतक - फोटो : अमर उजाला
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स्वास्थ्य विभाग के संज्ञान में कार्ड टेस्ट वाले डेंगू के दो मरीज सामने आए हैं। इनकी पूरी जांच के लिए सैंपल भेज दिया गया है। विभाग का कहना है कि उनकी एंटी डेंगू लारवा टीम जागरूकता अभियान के दौरान कई लोगों और विभागों को नोटिस दे चुकी है। इसके अलावा चालान भी काट रही है। मौजूदा स्थिति पर नजर डालें तो डेंगू आम जन के लिए आफत बन सकता है। इस स्थिति को देखते हुए पीजीआईएमएस का कहना है कि वह पूरी तरह से अलर्ट है। इस साल डेंगू के मरीजों के लिए संस्थान के माडल ब्लड बैंक में 5000 से 50 हजार तक प्लेटलेट्स उपलब्ध कराने की क्षमता है।
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पीजीआईएमएस के आपातकालीन विभाग के डीएमएस डॉ. संदीप कुमार का कहना है कि ब्लाक-सी डेंगू मरीजों के उपचार के लिए तैयार है। फिलहाल 35 मरीजों को दाखिल करने की व्यवस्था की गई है। यदि जरूरत पड़ेगी तो इसकी क्षमता को बढ़ा दिया जाएगा। मरीजों की संख्या को देखते हुए संस्थान के पास पर्याप्त दवा और अन्य चीजें उपलब्ध हैं। अभी तक कोई भी डेंगू प्रभावित मरीज सामने नहीं आया है। आम जन प्रयास करें की वह डेंगू से बचे रहें। इसके लिए अपने आसपास साफ सफाई का विशेष ध्यान दें, जिससे डेंगू का मच्छर पनप न पाए। 

प्रतिदिन तैयार करते हैं 60 से 70 यूनिट प्लेटलेट्स 
माडल ब्लड बैंक की डॉ. बिमला राठी ने बताया कि हम प्रतिदिन 60 से 70 यूनिट प्लेटलेट्स तैयार करते हैं। यह कार्य मैनुअल होता है। 350 और 400 मिलीग्राम की एक यूनिट रक्त में 5000 के करीब प्लेटलेट्स प्राप्त होते हैं। इन्हें मरीजों को जरूरत के हिसाब से दिया जाता है। उन्होंने बताया कि हाल ही में रोटरी क्लब रोहतक की ओर से सेल स्प्रेटर मशीन और किट मिली है। आने वाले सप्ताह में स्टाफ को इसे आपरेट करने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद डेंगू प्रभावित मरीजों को इस मशीन से बनने वाली प्लेटलेट्स उपलब्ध होंगी। 
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मशीन रक्त से केवल प्लेटलेट्स लेगी, खून वापस कर देगी
रोटरी क्लब की ओर से संस्थान को दी गई मशीन एक व्यक्ति से रक्त लेगी और उसमें से प्लेटलेट्स लेकर मरीज को देगी। इसके बाद पहले व्यक्ति के रक्त को वापस दूसरे हाथ के जरिए उसके शरीर में पहुंचा देगी। यह तकनीक जरूरत के हिसाब से सही मात्रा में प्लेटलेट्स ले पाने में सक्षम है।

बड़ी बात है कि एक यूनिट रक्त में से तकरीबन 50 हजार प्लेटलेट्स ली जा सकेंगी। जबकि मैनुअल में एक यूनिट में से केवल पांच हजार प्लेटलेट्स ही बन पाती हैं। इसमें डोनर से सिर्फ प्लेटलेट्स ली जाएगी और उसका रक्त वापस उसी समय चढ़ा दिया जाएगा। इस प्रक्रिया में दो से तीन घंटे का समय लगता है। इसका लाभ यह होगा जिस मरीज के प्लेटलेट्स एकदम गिरते हैं, उसे बचाया जा सकेगा। 

डेंगू के दो संदिग्ध मामले आए सामने
स्वास्थ्य विभाग के डॉ. विवेक मोर का कहना है कि अभी कार्ड टेस्ट में दो डेंगू पॉजीटिव के मामले सामने आए हैं। लेकिन स्वास्थ्य विभाग कार्ड टेस्ट को नहीं मानता, इसलिए संबंधित मरीजों का सैंपल जांच के लिए भेजा गया है। 
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