नगर निगम में हुए भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच करवाकर दोषियों पर कार्रवाई की मांग पर अड़े आंदोलित पार्षद वीरवार को ‘समझौता एक्सप्रेस’ में सवार हो गए। मेयर के बंद कमरे में हुई बातचीत के दौरान ही पार्षदों ने धरना खत्म कर दिया। कमरे में मेयर मनमोहन गोयल, पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर, भाजपा जिलाध्यक्ष अजय बंसल, ज्वाइंट कमिश्नर के बीच करीब 55 मिनट तक बातचीत हुई।
निगम हाउस की मीटिंग 172 दिन बाद 28 सितंबर को हुई थी। पार्षदों ने विकास कार्यों, एनडीसी व प्रॉपर्टी आईडी बनाने के नाम पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए सदन का बहिष्कार कर दिया। सदन का बहिष्कार करके पार्षद निगम परिसर पहुंचे और धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। वीरवार को धरना स्थल पर पार्षदों से वार्ता करने मेयर मनमोहन गोयल के साथ पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर, भाजपा जिलाध्यक्ष अजय बंसल पहुंचे। पार्षदों ने निगम में भ्रष्टाचार और सुनवाई नहीं होने के आरोप लगाए। पूर्व मंत्री ने कमरे में वार्ता करने के लिए कहा जिसे पहले पार्षद ने ठुकरा दिया। इस बीच संयुक्त कमिश्नर आए तो पार्षदों ने आरोप लगाकर माहौल गरमा दिया। इसके बाद पूर्व मंत्री, मेयर, भाजपा जिलाध्यक्ष कमरे में वार्ता करने चले गए। कमरे की वार्ता कोई सुन नहीं ले, इसलिए पुलिस का पहरा लगा दिया गया। बंद कमरे में करीब 55 मिनट वार्ता हुई और आंदोलित पार्षदों ने धरना खत्म कर दिया।
हर शिकायत की जांच के बाद होगी कार्रवाई : मेयर
मेयर मनमोहन गोयल ने कहा कि पूर्व मंत्री, भाजपा जिलाध्यक्ष की मौजूदगी में आंदोलित पार्षदों की मांगों को गंभीरता से सुना गया है। सात दिन मेें जांच करके दोषी अधिकारी व ठेकेदार पर कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी। वार्ड आठ के पार्षद सुनील व वार्ड 10 के पार्षद राहुल देशवाल को प्रॉपर्टी आईडी, नक्शा स्वीकृत, एनडीसी के आरोपों की जांच के लिए बनाई गई कमेटी में शामिल किया गया है। कमेटी में दोनों पार्षद के अलावा अधिकारी भी होंगे। अमरूत योजना में कितना काम हुआ और कहां-कहां हुआ, इसके बारे में सोमवार को अधिकारी ठेकेदारों के साथ मीटिंग करेंगे। गड़बड़ी मिलेगी तो ठेकेदार पर कार्रवाई होगी। मेयर ने कहा कि मनभेद को दूर करने के लिए वार्ता हुई है क्योंकि परिवार का मामला है।
फिलहाल छोटे पत्थर से भरे जाएंगे गड्ढे
मेयर ने कहा कि सड़कों पर गड्ढों के मसले पर पार्षदों से कहा है कि बारिश का मौसम होने की वजह से डामर से सड़क नहीं बनेगी। फिलहाल गड्ढों को छोटे पत्थर से भरवाया जाएगा।
मैस्टिक लेयर व फर्नीचर घोटाले में कोई जवाब नहीं
मेयर मनमोहन गोयल से जब 70 करोड़ रुपये के मैस्टिक लेयर और फर्नीचर घोटाले के आरोपों में अभी तक कार्रवाई नहीं होने की बात कही गई तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।
सात दिन में जांच नहीं हुई तो दोबारा धरना देंगे : देशवाल
पार्षद राहुल देशवाल ने कहा कि बैठक में सात दिन के अंदर जांच रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई का भरोसा दिया गया है। यदि ऐसा नहीं हुआ तो दोबारा से धरना दिया जाएगा।
50 हजार रुपये में अनधिकृत को कर दिया अधिकृत
पार्षद राहुल देशवाल ने पूर्व मंत्री व भाजपा जिलाध्यक्ष को बताया कि खेड़ीसाध की एक प्रॉपर्टी को निगम ने अनधिकृत कर दिया। मेरे काफी प्रयास के बाद भी प्रॉपर्टी को सही नहीं किया गया। जब प्रॉपर्टी स्वामी ने 50 हजार रुपये दिए तो अधिकृत कर दिया गया। इससे उनकी क्षेत्र में छवि खराब हो रही है।
कमरे में वार्ता को लेकर सूरज व राहुल में हुई कहासुनी
पूर्व मंत्री ने पार्षदों से कमरे में वार्ता का प्रस्ताव रखा, जिसे पार्षदों ने ठुकरा दिया। पार्षद पूनम किलोई के पति सूरजमल किलोई ने कमरे में वार्ता का दबाव बनाया तो राहुल देशवाल भड़क गए। उन्होंने कहा वार्ता यहीं पर होगी, इसको लेकर दोनों में कहासुनी हो गई। गुस्से में सूरजमल किलोई धरना स्थल से चले गए, जिन्हें समझा बुझाकर लाया गया।
महिला कर्मियों के अगवा करने के मामले की होगी जांच
नगर पालिका कर्मचारी संघ के प्रधान संजय बिडलान ने बताया कि दो महिला कर्मियों को असलाह के बल पर अगवा करने का प्रयास किया गया। जेडटीओ ने कार्रवाई के बजाय महिला कर्मियों को नौकरी से निकालने की बात कहते हुए वारदात किसी को भी नहीं बताने का दबाव बनाया। अधिकारियों से शिकायत की मगर कुछ नहीं हुआ। ज्वाइंट कमिश्नर ने बताया कि जांच के आदेश कर दिए हैं, जो भी दोषी होगा उस पर कार्रवाई होगी।
पार्षदों के धरने में शामिल हुए व्यापारी नेता
पार्षदों के धरना स्थल पर कांग्रेस एवं व्यापारी नेता हेमंत बख्शी पहुंचे। उन्होंने पार्षदों से वार्ता करके कंधे से कंधा मिलाकर साथ देने का वादा किया।
जिसकी छवि बेदाग हो, वह बात करने के लिए आए
कांग्रेस पार्षद गुलशन ईशपुनियानी ने आरोप लगाया कि चंद मिनटों में पार्षद साथी उस व्यक्ति से बात करने के लिए तैयार हो गए, जिसकी नाक की नीचे भ्रष्टाचार हुआ। उससे बात करने का औचित्य नहीं बनता है। सरकार के मंत्री और अधिकारियों से बात करें। जिसको रोहतक की जनता ने नकार दिया, उससे बात करने से निष्कर्ष नहीं निकलेगा। पार्षद साथियों से कहूंगा कि किसी के बहकावे में नहीं आएं। वार्ता में शामिल नहीं होने के मसले पर कहा हम क्यों जाएं? हम नहीं समझते कि यहां से कोई समाधान होगा। जिसकी छवि बेदाग हो, वह बात करने के लिए आए।
मांगों पर ये की जाएगी कार्रवाई
1- अमरूत योजना के कामों की डिटेल से जांच होगी। अधिकारी व ठेकेदारों को सोमवार को बुलाया जाएगा।
2- प्रॉपर्टी आईडी, एनडीसी, नक्शा पास करने, अवैध कॉलोनी को वैध करने की जांच होगी। जांच टीम में आरोप लगाने वाले दो पार्षद, अधिकारी व तकनीकी जानकारी होंगे।
3. सड़कों के बनाने व मरम्मत पर हुए खर्चों के ब्योरे की बिंदुवार जांच होगी।
4. सेक्टरों में सीवरेज व स्ट्रॉम वाटर समस्या के लिए हुडा व निगम अधिकारी बैठक करके निदान करेंगे।
5. महिला कर्मियों के मामले की जांच होगी। दबाव बनाकर की पुष्टि पर कार्रवाई होगी।
6. वार्डों में हुए कामों की डिटेल रिपोर्ट तैयार होगी, जो पार्षदों को मुहैया कराई जाएगी।
मैं मेयर के कमरे में चाय पीने के लिए आया था। पार्षदों के मसले क्या है, इसके बारे में मेयर ही बता सकेंगे।
- मनीष ग्रोवर, पूर्व सहकारिता मंत्री
पार्षदों की मांगों पर फैसला हो गया है। जांच के बाद दोषियों पर कार्रवाई होगी। जिसमें पूर्व मंत्री, जिलाध्यक्ष भी रहे।
- मनमोहन गोयल, मेयर, नगर निगम
मेयर, पूर्व मंत्री, जिलाध्यक्ष की मौजूदगी में पार्षदों से वार्ता हो गई है। उनकी बिंदुवार मांगों पर जांच के बाद कार्रवाई होगी।
- सुरेश कुमार, ज्वाइंट कमिश्नर, नगर निगम
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