कोरोना समुदाय में पांव पसार रहा है। शनिवार को हरियाणा में रोहतक पीजीआई के 43 और स्वास्थ्य कर्मचारी संक्रमित हो गए। संस्थान में पिछले चार दिनों से 30 चिकित्सकों समेत 76 स्वास्थ्य कर्मचारियों के संक्रमित होने से हड़कंप मचा हुआ है। यही वजह है सोमवार से ओपीडी सेवाएं व इलेक्टिव सर्जरी बंद कर दी गई हैं। ट्रॉमा सेंटर को एक बार फिर कोविड अस्पताल में तबदील करने के साथ विद्यार्थियों को हॉस्टल खाली करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। उनकी कक्षाएं बंद करते हुए परीक्षाएं भी स्थगित कर दी गई हैं।
ठंड में महामारी ने अपना रंग दिखाना शुरू कर दिया है। जिले में हर दिन संक्रमण के नए केस सामने आ रहे हैं। पीजीआई भी इससे अछूता नहीं रहा है। संस्थान में शनिवार को 43 स्वास्थ्य कर्मचारी संक्रमित हो गए। इनमें डॉक्टर, नर्स, पैरामेडिकल स्टाफ व विद्यार्थी भी शामिल हैं।
संस्थान में पिछले चार दिनों में 76 केस सामने आ चुके हैं। इनमें से 30 डॉक्टर, 35 विद्यार्थी, 4 नर्स, 3 मिनस्ट्रियल स्टाफ, 2 पैरामेडिकल व 2 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी शामिल हैं। इन केसों को देखते हुए शनिवार को पीजीआई के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. ईश्वर सिंह ने अधिकारियों की बैठक ली। यहां संस्थान के हित को देखते हुए बड़े फैसले लिए गए।
4 विभाग की ही चलेंगी ओपीडी
पीजीआई में संक्रमित केसों को देखते हुए ओपीडी सेवाएं बंद कर दी गई है। अब सोमवार से स्त्री रोग एवं प्रसूति विभाग, मेडिसन, शिशु रोग व रेस्पिरेट्री या पल्मनरी विभाग में 300 मरीज ही देखे जाएंगे। रेडियोथैरेपी में 100 मरीज देखे जाएंगे। शेष ओपीडी में मरीज नहीं देखे जाएंगे।
हड्डी रोग मरीज फीजियोथैरेपी में आएं
हड्डी रोग विभाग की ओपीडी सोमवार से फीजियोथैरेपी कॉलेज में लगेगी। पुराने भवन में सेंट्रल स्टोर से पहले यह विभाग रहेगा। यहां हड्डी रोग के मरीज उपचार करा सकते हैं। प्रथम तल के एसओटी कॉम्प्लेक्स को नॉन कोविड इमरजेंसी सेवाओं के लिए प्रयोग किया जाएगा। ये ओटी यहां से मॉड्यूलर ओटी में शिफ्ट कर दी गई हैं। ओटी सर्जरी विभाग के एचओडी डॉ. प्रदीप गर्ग व हड्डी रोग विभागाध्यक्ष डॉ. आरसी सिवाच की देखरेख में चलेंगी।
मंगलवार से शुरू होगा ट्रॉमा सेंटर
ट्रॉमा सेंटर मंगलवार से एक बार फिर कोविड अस्पताल बना दिया जाएगा। इसे लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। यहां के मरीज आपात विभाग में जाएंगे। ट्रामा की सर्जरी पहले की तरह पुरानी सर्जरी ओटी में होंगे।
कक्षाएं बंद, परीक्षा स्थगित, हॉस्टल खाली
पीजीआई प्रशासन ने महामारी का खतरा देखते हुए विद्यार्थी हित में शनिवार को बड़ा फैसला लिया। इसके तहत उनकी कक्षाएं बंद कर दी गई हैं। इस समय चल रही परीक्षाएं स्थगित कर दी गई हैं। यही नहीं हॉस्टल खाली करने के भी निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
कोरोना की रफ्तार से फेल हुई योजना
पीजीआई प्रशासन ने महामारी की तीसरी लहर को लेकर रणनीति तैयार की थी। इसके तहत अलग-अलग फेज में मरीजों की भीड़ के हिसाब से व्यवस्था बनाते हुए मरीजों को राहत देने की योजना बनाई गई। यह योजना महामारी के अचानक एक साथ सामने आ रहे केसों ने फेल करके रख दी है। इन केसों में स्वास्थ्य कर्मचारियों की संख्या ज्यादा हैं। ऐसे में एहतियातन यह कदम उठाना जरूरी रहा।
महामारी तेजी से फैल रही है। संक्रमण सोच से ज्यादा रफ्तार से फैल रहा है। संस्थान के एक ही दिन में 43 कर्मचारी संक्रमित हो गए हैं। अब तक 30 डॉक्टर, 35 विद्यार्थियों समेत 76 कर्मचारी संक्रमित हो चुके हैं। ऐसे में एहतियातन कदम उठाते हुए विद्यार्थियों की कक्षाएं बंद करने व परीक्षा स्थगित करने के साथ उन्हें हॉस्टल खाली करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। ट्रॉमा सेंटर को कोविड अस्पताल में बदला जा रहा है। ओपीडी व इलेक्टिव सर्जरी बंद कर दी गई है। संस्थान में चार विभागों की ओपीडी व आपात मरीजों का इलाज किया जाएगा। - डॉ. ईश्वर सिंह, चिकित्सा अधीक्षक, पीजीआई।