रोहतक। शहर के शीला बाईपास पर चार दुकानों की खरीद-फरोख्त के मामले में 65 लाख की धोखाधड़ी सामने आई है। इस संबंध में भरत कॉलोनी निवासी जसपाल सिंह ने सिविल लाइन थाने में धोखाधड़ी का केस दर्ज करवाया है।
पुलिस के मुताबिक भरत कॉलोनी निवासी जसपाल सिंह ने दी शिकायत में बताया कि उने मकड़ौली खुर्द निवासी सुभाष से 2016 में चार दुकानें खरीदी थी। इसके लिए 2016 में इकरारनामा हुआ था, जिसके लिए उसने बयाने के तौर पर 60 लाख रुपये चेक के माध्यम से और 5 लाख रुपये बाद में नकद दिए थे। बाद में पता चला की सारा लेन-देन एक फर्म के नाम पर हुआ है जो कि सुभाष चन्द्र फर्म में साझेदार नहीं है। न ही उसके नाम पर कोई दुकान है। आरोपी सुभाष चन्द्र ने धोखाधड़ी की नीयत से खुद को फर्म में साझेदार बता कर राशि गबन कर ली। इकरारनामे का समय समाप्त होने पर सुभाष चन्द्र से दुकानें देने का आग्रह किया, लेकिन आरोपी ने दुकानें देने से इनकार कर दिया और कुछ समय के लिए गायब हो गया। बाद में आश्वासन देता रहा, लेकिन अभी तक न तो दुकानें दी और न पैसे वापस किए हैं।