2.05 बजे चलने वाली पहली बस के चालक को पुलिस की मौजूदगी में उठाकर ले गए हड़ताली कर्मचारी
सिरसा। मंगलवार रात 12 बजे से रोडवेज का चक्का जाम शुरू हुआ, लेकिन चक्का जाम सफल नहीं हो पाया। पहली बस बुधवार तड़के दो बजकर पांच मिनट पर चंडीगढ़ जाने के लिए बिलकुल तैयार थी। पुलिस फोर्स ने शुरूआत में सख्ती नहीं दिखाई। जिस वजह से सिरसा डिपो से बसें अपने निर्धारित समय से रवाना नहीं हो सकी। दो बजकर दस मिनट पर पुलिस फोर्स के बीच हड़ताली कर्मचारी नारेबाजी करते हुए बस चालक को उठाकर अपने साथ ले गए। जिससे डिपो जीएम केआर कौशल पुलिस अधिकारियों पर भड़क गए। उन्होंने मौजूद पुलिस अधिकारियों से कहा कि पुलिस की मौजूदगी में बस चालक को हड़ताली कर्मचारी कैसे उठाकर ले गए। मुझे तुम्हारी कोई जरूरत नहीं। हड़ताली कर्मचारियों को बस अड्डा परिसर में क्यों घुसने दिया गया। पुलिस की नरमी से हड़ताली कर्मचारियों मेन गेट के पास नीचे लेट गए। इस कारण सुबह चंडीगढ़ व दिल्ली रुट चलने वाली बसें नहीं चल सकी। हालांकि सुबह सात बजे कर्मचारियों की गिरफ्तारी के बाद बसों का संचालन शुरू हुआ।
निर्धारित समय पर बसें चलाने के लिए डिपो प्रशासन ने रात को ही कमर कस ली थी। डिपो जीएम केआर कौशल ने पुलिस अधिकारियों से साफ कह दिया था कि हड़ताली कर्मचारियों को बस अड्डा परिसर के अंदर नहीं आने देना। चालक बसें लेकर रुटों पर जाने के लिए बिलकुल तैयार हैं, लेकिन सुबह दो बजकर पांच मिनट पर बस रवानगी का टाइम आया तो जीएम की रणनीति पर हड़ताली कर्मचारियों ने पानी फेर दिया। वे बस अड्डा परिसर में घुस आए और बस चालकों को बस नहीं चलाने की चेतावनी देने लगे। हड़ताली कर्मचारी बस अड्डा परिसर में घुसकर नारेबाजी करने लगे तो उनकी पुलिस को थोड़ी नोंक झोंक हुई। पुलिस ने कर्मचारियों को समझाने की कोशिश की , लेकिन वे नहीं माने। वे गेट के आगे दरी बिछाकर लेट गए। दूसरे जिलों में हड़ताली कर्मचारियों पर लाठी चार्ज की सूचना पाकर बस अड्डा परिसर में जुटे कर्मचारी घबरा गए। हड़तालियों की घबराहट को भांपते हुए पुलिस ने सुबह सात बजे इन्हें हिरासत में ले लिया। काफी कर्मचारी बस अड्डे से वापस चले गए। कर्मचारियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने बस अड्डे के गेट समक्ष लगा टेंट हटवा दिया। पुलिस कर्मी टेंट में पड़े कूलर, पंखे व माइक उठाकर अड्डे परिसर में ले गए। सुबह सात बजे इनकी संख्या मात्र 15 रह गई थी। डबवाली डिपो में भी यही स्थिति रही वहां पर मात्र नौ कर्मचारी ही रह गए। पुलिस सभी को हिरासत में लेकर सिटी थाने में ले गई। पुलिस ने हड़ताल में शामिल रहे 24 कर्मचारियों के खिलाफ एस्मा सहित विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया। चक्का जाम के कारण सिरसा व डबवाली डिपो को मिलाकर 179 बसों में से 148 बसें ही चल सकी।
इन रुटों पर 31 बसें हुई रद्द
चक्का जाम के चलते सिरसा व डबवाली डिपो से चंडीगढ़, दिल्ली, जयपुर, हिसार, रोहतक, नोहर, भादरा, जम्मू , गंगानगर, हनुमानगढ, हरिद्वार व लोकल रुटों पर सुबह सात बजे से पहले चलने वाली 31 बसें नहीं चल पाईं। इससे रोडवेज को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है।
इन कर्मचारियों के खिलाफ केस हुआ दर्ज
जीएम केआर कौशल की शिकायत पर पुलिस ने चालक रणधीर सिंह ,परिचालक सुरेदं्र कुमार,विधुतकार बलदेव कुमार,लिपिक भीम सिंह,परिचालक सीता सिंह,परिचालक सुरेंद्र कुमार,परिचालक रतन लाल,चालक काशीराम,परिचालक राजेंद्र कुमार,परिचालक राजेश कुमार,परिचालक सीता सिंह,चालक कुलबीर सिंह, चालक रणजीत सिंह,मिस्त्री चंद्र शेखर,चमन लाल,जगदीश कुमार के खिलाफ एस्मा, सरकारी कार्य में बाधा, धारा 144 का उलंघन के तहत अभियोग दर्ज किया। शाम पुलिस ने आरोपी भीम सिंह लिपिक,चन्द्र शेखर मैकेनिक व चंचल टायरमैन को अदालत समक्ष पेश किया। अदालत ने तीनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। शेष आरोपियों की गिरफ्तारी पुलिस ने अभी नहीं दिखाई है।
चक्का जाम के कारण सुबह सात बजे से पहले रवाना होने वाली 31 बसें नहीं चल पाई हैं। हड़ताल के कारण यात्रियों की संख्या पहले से कम रही। चक्का जाम को लेकर सिरसा डिपो को हुए नुकसान का सही पता वीरवार को लग पाएगा। हड़ताल में शामिल रहे सिरसा में 15 व डबवाली में नौ कर्मचारियों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दी गई है। इनके के खिलाफ विभाग द्वारा कार्रवाई की जाएगी। सात बजे के बाद सिरसा व डबवाली से सभी बसें निर्धारित समय से रवाना हुई।
केआर कौशल, जीएम सिरसा।