सेक्टर एक में दिनदहाड़े ढाई करोड़ रुपये की हुई लूट को तीन सप्ताह से ज्यादा का समय बीत चुका है कि, लेकिन अब तक पुलिस के हाथ खाली हैं। पांच लाख का इनाम घोषित करने व सीसीटीवी फुटेज मिलने के बावजूद लुटेरे पुलिस की गिरफ्तार बाहर हैं। पुलिस ने एक बार फिर जींद में डेरा डाल लिया है, ताकि लुटेरों को दबोचा जा सके।
आठ अप्रैल को बैंकों की एटीएम में पैसे डालने वाली कंपनी के कैशियर शशिप्रकाश ने दी शिकायत में बताया था कि सेक्टर एक स्थित एसबीआई और एक निजी बैंक की एटीएम में कैश डालने के लिए कंपनी की टीम पहुंची थी। दो कर्मचारी एटीएम के पास चले गए, जबकि सुरक्षा गार्ड की निगरानी में कैशियर संदूक का ताला खोलकर नकदी निकालने लगा। थोड़ी दूरी पर पहले से बाइक पर खड़े युवकों में एक ने सुरक्षा गार्ड रमेश को पीछे से कूल्हे में दो गोली मार दी। गोली लगते ही वह गया साथ ही उसकी बंदूक छीन ली। इसके बाद कैशियर की तरफ झपटे और दो बैग में बंदूक के अंदर से 2 करोड़ 62 लाख रुपये भरकर बाइक पर बैठकर फरार हो गए। साथ में सुरक्षा गार्ड की बंदूक भी ले गए। कैश वन के अंदर रखी 30 लाख रुपये बच गए थे। पुलिस को सुराग लगा था कि लुटेरे जींद तक पहुंचे थे। उचाना के पास सीआईए टू की टीम जब सर्च अभियान चला रही थी तभी दो बाइक सवार युवकों ने एएसआई अमित को गोली मार दी थी। जींद, रोहतक व हिसार की पुलिस ने एरिया में सर्च अभियान चलाया, लेकिन अब तक लुटेरे पुलिस की गिरफ्तार से बाहर हैं।