भैरो बाबा के मंदिर में दर्शन के लिए उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़।
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रेवाड़ी। जिले के गांव बासदूदा स्थित बाबा भैरो के मंदिर में तीन दिवसीय मेले के दूसरे दिन मंगलवार को भारी भीड़ उमड़ी। इसमें दूर-दराज से पहुंचे श्रद्धालुओं ने बाबा भैरो की पूजा कर चूरमे का भोग लगाया। साथ ही परिवार के लिए सुख-समृद्धि की कामना की। इस दौरान भक्तों ने बाबा को तेल, सिंदूर, ध्वजा नारियल, लड्डू और फूलों की माला आदि भी चढ़ाया। मंदिर में श्रद्धालु गठजोड़े की जात लगाने के लिए भी पहुंचे थे। इस मौके पर दौरान श्रद्धालुओं के जयघोष से पूरा वातावरण धर्ममय हो गया था।
बाबा भैरो मेला का आयोजन हर वर्ष किया जाता रहा है, लेकिन कोरोना काल में इसे बंद कर दिया गया था। संक्रमण की गति सामान्य होने पर फिर से तीन दिवसीय मेले का आयोजन किया गया है। इसका समापन बुधवार को होगा। मेले में उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, दिल्ली, पंजाब, मध्यप्रदेश आदि राज्यों से बड़ी तादाद में श्रद्धालु पहुंचे हैं। गर्मी के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था कमजोर नहीं पड़ रही। मान्यता है कि एकादशी के दिन बाबा भैरो की श्रद्धालुओं पर विशेष कृपा रहती है।
नवदंपती आते हैं मत्था टेकने के लिए
बाबा भैरो के दरबार में शादी के बाद जहां नवदंपती मत्था टेकने आते हैं। इसके अलावा मनौती पूर्ण होने के बाद लोग अपने बच्चों के बाल उतरवाने के लिए भी आते हैं।
प्रसाद स्वरूप चढ़ाते हैं मीठा भोजन
मेला कमेटी से संबंधित योगेश कुमार ने बताया कि एकादशी को लगने वाले मेले में श्रद्धालु बाबा को प्रसाद स्वरूप मीठा भोजन (खीर आदि) चढ़ाते हैं। इसके साथ शराब का भी भोग लगाने की परंपरा है। प्रशासन द्वारा मेला के आयोजन के लिए प्रशासक नियुक्त किया हुआ है। मेले को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए युवाओं की कमेटी गठित है। कमेटी से जुड़े युवा सूचना केंद्र स्थापित कर श्रद्धालुओं को मेले की जानकारियां व आवश्यक दिशा-निर्देश उद्घोषणा द्वारा दे रहे हैं।
सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद
योगेश कुमार ने बताया कि मेले में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल की भी तैनाती की गई है। वहीं, किसी अनहोनी से बचने के लिए कमेटी के सदस्य सतर्कता बरत रहे हैं। साथ ही पुलिस भी सजग है।