बारिश के कारण भीग रहीं गेहूं की बोरियां। संवाद
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कोसली मंडी में बार-बार गेहूं भीगने कि शिकायत के बाद भी प्रशासन उसे बचाने के लिए कोई ठोक कदम नहीं उठा रहा है। कोसली मंडी में खाद्य आपूर्ति विभाग द्वारा स्टॉक किए गए गेहूं के भीगने कि शिकायत आने के बाद भी विभाग इस बारे कुछ नहीं कर रहा है।
गत माह सहकारिता न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री ने बयान दिया था कि जिसकी भी लापरवाही होगी उस विभाग के खिलाफ कार्रवाई होगी। जिस विभाग कि जिम्मेदारी है उसके अधिकारी की लापरवाही से गेहूं अंकुरित हुआ है। इससे पहले भी जून में हुई बारिश में गेहूं भीगने कि शिकायत पर जिला उपायुक्त ने इस पर संज्ञान लेते हुए जांच करवाने कि बात कहते हुए रेवाड़ी के एसडीएम रविंद्र यादव को जांच सौंपी थी। जांच के लिए कोसली में आए एसडीएम ने जांच की, इसके बाद मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।
बारिश आते ही उखड़ जाते हैं तिरपाल
खुले में स्टॉक किए गए गेहूं को ढकने के लिए उस पर डाले गए तिरपाल बारिश आते ही हटा दिया जाता है। ऐसा ही नजारा गत दिवस की बारिश में देखने को मिला। जो गेहूं डिपोधारकों के पास जाना है उस पर से बारिश शुरू होते ही तिरपाल को हटा दिया गया और रातभर हुई बारिश में गेहूं भीगता रहा।
क्या कहना है इंचार्ज का
कोसली मंडी में गेहूं के स्टॉक इंचार्ज खाद्य आपूर्ति विभाग के अधिकारी भारत शर्मा का कहना है कि उन्होंने बारिश को देखकर तिरपाल नहीं हटवाए हैं और जो री पैकिंग कि जा रही है। खराब गेहूं को साफ करके ही कि जा रही है।
कोसली की मंडी में खुलें में रखा गेहूं। संवाद- फोटो : Rewari