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Rewari News: आज से दो दिन छोड़कर होगी जलापूर्ति

Sat, 07 Jun 2025 12:50 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
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फोटो: 3पानी ना आने की वजह से सूखी नहर। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
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रेवाड़ी। शहर के लिसाना और कालाका के जलघरों में सिर्फ 30 प्रतिशत पानी बचा है। नहर में 12 जून के बाद पानी आने की संभावना है। ऐसे में पानी का संकट गहरा गया है। इसको देखते हुए अब जन स्वास्थ्य विभाग शनिवार से 2 दिन छोड़ कर पेयजल की आपूर्ति करेगा। नहर में पानी आने तक यही स्थिति बनी रहेगी।
जेएलएन नहर में अगर 12 जून तक पानी नहीं आया तो शहर में पानी की समस्या गहरा सकती है। शहर में 4 अप्रैल से एक दिन छोड़कर पानी की आपूर्ति की जा रही थी। इससे इससे शहर व बाहरी कॉलोनियों के लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। अब दो दिन छोड़ कर जलापूर्ति होने स समस्या और गहराएगी।
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भाखड़ा डैम विवाद के बाद से जिले में पानी का शेड्यूल बिगड़ा है। इससे पहले समय पर पानी आ जाता था। इस बार लंबे समय से पानी का संकट गहराया हुआ है। पिछले माह नहर में पानी तो पूरे समय 16 दिन चला था, लेकिन बीच में एक-दो दिन बहाव कम हो गया था।
जितना पानी मिलना था, उतना नहीं मिल पाया था। वहीं, पानी का भंडारण करने के लिए टैंकों की भारी कमी है। नए वॉटर टैंक के जमीन के लिए अभी तक तलाश चल रही है। कालाका वाटर वर्क्स में पांच और लिसाना में तीन वाटर टैंक हैं।
पहले नहरी पानी का शेड्यूल पहले 16-16 दिन का था। 16 दिन नहर में पानी आता था और 16 दिन नहर बंद रहती थी। अब 3 साल से शेड्यूल 16-24 का हो गया है। अब 16 दिन नहर में पानी आता है और 24 दिन बंद रहता है।



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आबादी बढ़ी पर पानी भंडारण की क्षमता पुरानी



शहर की आबादी हर साल बढ़ती जा रही है, लेकिन पानी के भंडारण की उचित व्यवस्था नहीं हो पाई है। शहर की आबादी पौने 3 लाख है। गर्मी के दस्तक देने के साथ शहर में 20 एमएलडी से बढ़कर रोजाना 25 एमएलडी पानी की मांग बढ़ गई है। इसे पूरा करने के लिए विभाग ने अभी तक पेयजल आपूर्ति के समय में कोई बढ़ोतरी नहीं की है। पानीपत स्थित खूबडू से रेवाड़ी तक जवाहरलाल नेहरू कैनाल के माध्यम से पानी पहुंचता है। इस दौरान नहरी पानी को 18 बार लिफ्ट करना पड़ता है। रेवाड़ी में नहरी पानी की मात्रा करीब 600 क्यूसेक निर्धारित की गई है, लेकिन जिले को महज 300-400 क्यूसेक पानी ही मिल पाता है।


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गर्मी में पेयजल संकट के चलते परेशानी हो रही है। अबतक एक दिन छोड़कर पानी मिल रहा है। अब दो दिन छोड़ कर जलापूर्ति करने से समस्या और गहराएगी। गर्मी में नियमित पानी की आपूर्ति होनी चाहिए।-विकास
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गर्मी में पानी की खपत काफी बढ़ जाती है। कई बार तो वॉटर टैंक मंगवाना पड़ता है। जितने समय तक पानी आता है, उतने समय में टंकी भर नहीं पाती है। इसके चलते जल संकट बना रहता है।-मनीष कुमार
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वर्जन:
जलघर में काफी कम पानी बचा है। शनिवार से दो दिन छोड़कर जलापूर्ति की जाएगी। यह व्यवस्था नहर में पानी आने तक जारी रहेगी। शहर के लोगों का जल संरक्षण करना चाहिए। जितनी जरूरत हो, उतना ही पानी इस्तेमाल करें।-हेमंत, जेई, जनस्वास्थ्य विभाग रेवाड़ी।
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