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जेएलएन में आज पानी पहुंचने की संभावना, कल से जलापूर्ति होगी सुचारु

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पानी नहीं आने के कारण सूखी पड़ी जेएलएन नहर। - फोटो : Rewari
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रेवाड़ी। जवाहर लाल नेहरु (जेएलएन) में रविवार की रात तक पानी आने की संभावना है। जनस्वास्थ्य और सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने बताया कि तय समय के अनुसार पानी आने की उम्मीद है। यदि पानी आ जाता है तो सोमवार को नागरिकों को आपूर्ति की जाएगी। इससे गर्मी के मौसम में भी शहर की ढाई लाख की आबादी को राहत मिलेगी। फिलहाल कालका और लिसाना में स्थापित जलघर से नगरवासियों को जलापूर्ति की जाती है।
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अप्रैल में पड़ रही गर्मी से लोगों का बुरा हाल है। अभी मई-जून बाकी है। यह सूरत ए हाल 20 मार्च को नहरी पानी बंद होने के बाद पैदा हुई। सिंचाई विभाग के अनुसार 10 अप्रैल के बाद नहरी पानी आना था, मगर शेड्यूल में बदलाव हुआ तो यह अवधि 17 अप्रैल तक आगे बढ़ गई। जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारी शहर के लोगों को यह जवाब देते - देते थक गए हैं कि पीने का पानी उस दिन आ रहा है। शहर के दिल्ली रोड स्थित जवाहरलाल नेहरू बड़ी नहर में सिंचाई विभाग अपने शेड्यूल के अनुसार नहरी पानी भिजवाता है। जिले में पानीपत हैड से सिंचाई विभाग को साल्हावास पंप हाउस से नहरी पानी मिलता है। सिंचाई विभाग की ओर से पानीपत में विभागीय अधिकारियों को अपनी नहरी पानी की मांग भिजवाई जाती है, जिसकी मंजूरी मिलने के बाद वहां से पानी भिजवाया जाता है।
सबसे पहले यह साल्हावास पंप हाउस पर पहुंचेगा तथा वहां से जिले में आएगा। जेएनएल नहर के माध्यम से यह कालाका और लिसाना जल भंडारण गृहों तक पहुंचेगा और उसके बाद इसे शहर के विभिन्न हिस्सों में पेयजल के रूप में शुद्घ रूप में आपूर्ति किया जाएगा। बता दें, जिले में शहर को जलापूर्ति देने के लिए कालाका और लिसाना में जल संग्रहण केंद्र बनाए हुए हैं। इनके अलावा 19 जलापूर्ति केंद्र भी शहर में बनाए हुए हैं। इतना होने के बावजूद हर साल गर्मी के तीन माह, चैत्र, बैसाख, ज्येष्ठ और आषाढ़ में शहरवासियों को पेयजल की भारी किल्लत महसूस होती है। शहर के ऊंचाई वाले रिहायशी इलाकों में यह समस्या बहुत गंभीर होती है। हाल स्थिति यह है कि लिसाना जल भंडारण टैंक में एक फीट से कम नहरी पानी बचा है। रविवार की देर रात या सोमवार की सुबह अगर घरों में पीने का पानी नहीं आया तो यह बड़ी समस्या होगी। अब 29 दिन बाद शहर में नहरी पानी पहुंचने की उम्मीद है। जनस्वास्थ्य विभाग के कालाका जल संग्रहण केंद्र के पास 8 टयूबवैल हैं, जिनको लगातार 16 - 17 घंटे चलाया जा रहा है। इनसे एक मिनट में 16 हजार लीटर से अधिक निकासी हो रही है मगर शहर की प्यास बड़ी है। जबकि शहर की रोजाना की जल खपत 2 लाख करोड़ लीटर जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक है।
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शहर को एक अतिरिक्त नए जल संग्रहण केंद्र की जरूरत
- जनस्वास्थ्य विभाग को शहर की पेयजल जरूरत को पूरा करने के लिए एक बड़े जल संग्रहण केंद्र की जरूरत है। इसके लिए सरकार ने धनराशि मंजूर की हुई है। गांव डवाना, बैरियावास, गोकलगढ़ समेत अन्य जगहों पर विभाग ने दस एकड़ से अधिक भूमि का एकमुश्त टुकड़ा देखने की कोशिश की है, जिसे खरीदकर वह जल्द जल संग्रहण केंद्र का निर्माण कराना चाहता है मगर अभी यह काम सिरे नहीं चढ़ पाया है।
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लाेग बोले
हमारे वार्ड में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था इन दिनों खराब है। लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। लोगों के घरों में गंदा पानी आ रहा है। अधिकारियों को भी इस समस्या से अवगत कराया जा चुका है।
- लोकेश यादव, नगर पार्षद
वार्ड में पीने के पानी की समस्या है। नहर में आज पानी आने की संभावना जताई जा रही है। पानी तो रोजाना की जरूरत है। एक तरफ तो बिजली के कट और दूसरी और पानी की किल्लत परेशानी का सबब बनी हुई है।
- विपिन, निवासी मोहल्ला स्वामीवाड़ा
वार्ड में पानी की समस्या को लेकर लोग काफी परेशान हैै। करीब एक सप्ताह से लोगों को अधिक परेशानी झेलनी पड़ रही है। सिंचाई विभाग जल्द नहरी पानी को मंगवाए ताकि लोगों का भला हो।
- प्रवीण कुमार, नगर पार्षद
हमारे वार्ड में बीते तीन दिनों से पीने के पानी की अधिक समस्या लोग झेल रहे हैं। गर्मी में यह समस्या बढ़ गई है। लोग टैंकर भी नहीं मंगवाना चाहते है। एक टैंकर से पूरे वार्डवासियों की प्यास नहीं बुझेगी।
- भूपेंद्र गुप्ता, नगर पार्षद
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कोट
- पीने का पानी बड़ी समस्या है। सिंचाई विभाग से जल्द नहरी पानी उपलब्ध कराने का आग्रह किया है। रविवार की देर रात में पानी पहुंचने की उम्मीद है। सोमवार की सुबह जनस्वास्थ्य विभाग शहर के घरों में पीने का पानी भिजवाने की पूरी कोशिश करेगा।
- विनय प्रकाश चौहान, अधीषासी अभियंता, जनस्वास्थ्य विभाग।
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कोट
शहर की पेयजल की समस्या को देखते हुए हमने 780 क्यूसेक नहरी पानी की मांग पानीपत हेड को भिजवाई थी। वहां से पानी छूट गया है। रविवार की देर रात या सोमवार की सुबह नहरी पानी जिले में पहुंच जाएगा और उसके बाद जलापूर्ति विभाग इसे लोगों तक पहुंचा देगा। गर्मी के मौसम को देखते हुए इस बार 10 फीसदी मांग बढ़ाकर भेजी गई है। यह मांग खपत अनुसार पर्याप्त है।
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- संजीव सहारण, एक्शन सिंचाई विभाग, डिविजन 1
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