जनस्वास्थ्य विभाग कार्यालय पर एकत्रित गांव रतनथल व बांस के ग्रामीण।
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कोसली। बुधवार को गांव रतनथल और बास में गत तीन साल से खारा पानी पी रहे लोग एकजुट होकर जन स्वास्थ्य विभाग के कार्यकारी अभियंता के स्थानीय कार्यालय पर पहुंचे और अपना रोष जताया। विभाग ने 22 मई तक मोहलत मांगी है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि अगर इसके बाद स्थिति नहीं सुधरी तो वे यातायात जाम कर देंगे।
बता दें, गत तीन साल से गांव रतनथल व बास के लोग पीने के लिए पानी को तरस रहे हैं। विभाग इनको खारा पानी आपूर्ति कर रहा है, जिससे लोग बीमार हो रहे हैं। लोगों के अनुसार विभाग को इस समस्या से अवगत कराने के बावजूद कोई कदम नहीं उठाया गया। लोगों की सेहत से खिलवाड़ हो रहा है। दोनों गांवों के ग्रामीण राजविजय तंवर, जयपाल नंबरदार, दत्तराज नम्बरदार, डा. विष्णु प्रताप, कप्तान मान सिंह और लखपत आदि ने बताया कि इनके गांव में सरकार ने लोगों को मीठा पानी उपलब्ध कराने के लिए नहरी परियोजना पर करोड़ों रुपए खर्च किए मगर उसके बावजूद नहरी पानी उपलब्ध नहीं कराकर जमीन का खारा पानी ही आपूर्ति किया जा रहा है, जिसकी वजह से बच्चों से लेकर वृद्धों में विभिन्न बिमारियों के लक्षण नजर आने लगे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने गांव न्यौला में नहरी पेयजल योजना शुरू करके इन गांवों को पीने का पानी उपलब्ध कराना था मगर ऐसा आज तक नहीं हुआ। विभाग ने गांव रतनथल में बुस्टिंग स्टेशन के पास जमीन में बोर करके खारा पानी आपूर्ति करना शुरू कर दिया।
इस विषय में जनस्वास्थ्य विभाग के कार्यकारी अभियंता अशोक यादव का कहना है कि आज बड़ी संख्या में रतनथल,बास गांवों के लोग कार्यालय आए थे। स्थिति को सुधारने के लिए 22 मई तक का समय दिया है। इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं कि दोनों गांवों को पीने के लिए मीठा पानी मिले।-अशोक यादव, कार्यकारी अभियंता, जन स्वास्थ्य विभाग