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रेवाड़ी: रिश्वत कांड में जेल अधीक्षक को पकड़ने गई विजिलेंस टीम पांच घंटे तक घर के बाहर खड़ी रही, बैरंग लौटी

Wed, 15 Dec 2021 12:34 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रेवाड़ी

सार

9 दिसंबर को विजिलेंस गुरुग्राम यूनिट ने नारनौल जेल में रेड की थी। उस वक्त जेल वार्डन राजन को एक लाख की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया था।
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रेवाड़ी में जेल अधीक्षक को गिरफ्तार करने पहुंची विजिलेंस टीम। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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नारनौल जेल में रिश्वत लेने के मामले में बुधवार की सुबह करीब चार बजे गुरुग्राम विजिलेंस की टीम ने रेवाड़ी जेल अधीक्षक अनिल कुमार के घर उनकी गिरफ्तारी के लिए छापा मारा। टीम घर का दरवाजा खुलवाने के लिए मशक्कत करती रही लेकिन परिजनों ने नहीं खोला।

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बाद में जब जेल अधीक्षक के वकीलों के माध्यम से उनके परिवार वालों की बात कराई गई। इसके  बाद उन्होंने करीब पांच घंटे बाद दरवाजा खोला और फिर टीम अंदर घुस पायी। टीम ने घर के अंदर करीब ढाई घंटे तक तलाशी ली लेकिन जेल अधीक्षक नहीं मिला। वह रात में ही भाग निकला था।  

गुरुग्राम विजिलेंस इंस्पेक्टर अजीत सिंह ने बताया कि टीम सुबह चार बजे छापा मारने के लिए आरोपी जेल अधीक्षक के घर पहुंची थी। लेकिन दरवाजा नहीं खुलने की वजह से टीम घर के बाहर करीब 5 घंटे तक खड़ी रही। वह प्रवेश नहीं कर पाई। बाद में उनके वकीलों के जरिए घर के अंदर मौजूद परिवार के सदस्यों से बात की गई और फिर दरवाजा खुला।
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करीब 2 घंटे से ज्यादा समय तक घर के एक-एक कमरे की तलाशी ली गई, लेकिन जेल अधीक्षक नहीं मिला।  जेल अधीक्षक अनिल कुमार जांगड़ा का नाम रिश्वत कांड में सामने आया था। इसलिए उसके खिलाफ जांच की जा रही थी, लेकिन वह मंगलवार की रात 10 बजे ही अपने घर से निकल गया था। अब उनकी तलाश में अन्य जगह छापा मारकर कार्रवाई की जाएगी। 

एक लाख रुपये की रिश्वत लेते पकड़ा गया था जेल वार्डन

नारनौल और रेवाड़ी दोनों जेल में अपराधियों से पैसा लेने का खेल काफी पुराना चल रहा है। इसकी जानकारी विजिलेंस ब्यूरो को काफी पहले मिली थी। इसके आधार पर कार्रवाई करते हुए 9 दिसंबर को विजिलेंस गुरुग्राम यूनिट ने नारनौल जेल में छापा मारकर कार्रवाई थी। जेल वार्डन राजन को एक लाख की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया था। रिश्वत की रकम हरियाणा-राजस्थान के नामी गैंगस्टर विक्रम उर्फ पपला गुर्जर के खास गुर्गे संदीप उर्फ सिंधिया के भाई हंसराज से ली गई थी।

जेल के अन्य वार्डन गजे सिंह का नाम भी सामने आया था। विजिलेंस टीम ने गजेसिंह को भी गिरफ्तार कर लिया था। दोनों से सख्ती से हुई पूछताछ के बाद नारनौल जेल के डिप्टी सुपरिटेंडेंट कुलदीप हुड्डा और नारनौल जेल का अतिरिक्त कामकाज देख रहे रेवाड़ी जेल सुपरिंटेंडेंट अनिल कुमार का नाम भी सामने आया। विजिलेंस टीम ने 7 पीसी एक्ट के तहत दर्ज की गई एफआईआर में जेल वार्डन राजन और गजे सिंह के अलावा नारनौल जेल के डिप्टी सुपरिंटेंडेंट कुलदीप हुड्डा को नामजद किया है। 

पहले भी विवादों में रहा है जेल अधीक्षक

रेवाड़ी जेल सुपरिंटेंडेंट अनिल कुमार के पास नारनौल जेल का भी अतिरिक्त चार्ज है। उसकी जहां भी पोस्टिंग रही, उनके साथ विवाद जुड़ते रहे। बताया जा रहा है कि गुरुग्राम में हुई करोड़ों रुपये की चोरी के आरोपी डॉ. सचिन्द्र जैन उर्फ नवल के साथ भी अनिल कुमार से अच्छे संबंध हैं। जेल अधीक्षक का नाम गुरुग्राम के छैलू हत्याकांड में भी उछला था, बाकायदा उस समय नार्को टेस्ट भी हुआ था। अनिल कुमार के खिलाफ फरीदाबाद में दुष्कर्म के आरोप की जांच भी लंबित बताई जा रही है। आरोप जेल में बंद एक महिला कैदी ने लगाए थे।

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