रेवाड़ी। आईजीयू में इनसो ने कोविड निर्देशों को लेकर सोमवार को जबर्दस्त हंगामा किया जो कई घंटे तक चला। इस दौरान पुलिस और छात्रों के बीच धक्कामुक्की भी हुई। इसके बाद रजिस्ट्रार प्रमोद भारद्वाज छात्र नेताओं से बात करने आए।
इनसो नेता यूनिवर्सिटी प्रशासन से इस बात को लेकर बहस करने लगे कि जब तक उनकी बातें नहीं मानी जाती, तब तक वे वहां से नहीं जाएंगे। छात्र नेता रवि मसीत की अगुवाई में इनसो ने अपना विरोध जताया, जिसे देखते हुए यूनिवर्सिटी प्रशासन को इनकी एसओपी लागू करने की बात माननी पड़ी।
बाद में इनसो के यूनिवर्सिटी प्रधान रवि मसीत ने कहा कि इनसो काफी समय से छात्र हितों की लड़ाई लड़ रही है और आगे भी ऐसा करती रहेगी। उन्होंने बताया कि इनसो ने पहले भी यह मांग उठाई थी। एमबीए में रिअपीयर में लेट फीस नहीं लगाए जाने की मांग को लेकर यूनिवर्सिटी प्रशासन को ज्ञापन भी सौंपा गया, मगर हर बार प्रशासन अपनी मनमानी करता है। इनसो ने सोमवार को फिर चेतावनी दी कि अगर प्रशासन ने इनकी बातों को गंभीरता से नहीं लिया तो किसी भी अधिकारी को यूनिवर्सिटी में बैठने नहीं दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि कोरोना की वजह से पहले ही विद्यार्थियों की पढ़ाई अच्छे से नहीं हो पाई है, ऐसे में एसओपी लागू किया जाना अति आवश्यक है। प्रदर्शन में सैकड़ों छात्र और छात्राएं शामिल हुईं। इनसो के उपाध्यक्ष राकेश ने कहा कि अब यूजी कोर्स वालों और पीजी वालों को कोई भी चार सवालों के जवाब देने होंगे जबकि एमबीए के लिए रिअपीयर वालों की लेट फीस नहीं लगेगी। इस प्रदर्शन में मनीष, अनूप, अमन, राहुल, रवि, गौरव, रिंकल, अंकित, वंदना, बबीना, गौरव, भानु, सौरव, तरुण, नितिन, आकाश, विनीत, केशव, अनूप, मनजीत, युगल, कुलदीप, अमित, अक्षय, विनोद, सुमित, संदीप, अभिषेक, अखिल आदि छात्र शामिल रहे।