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Rewari News: गोल्डन टाइम में इलाज से ब्रेन स्ट्रोक मरीज को मिला नया जीवन

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ब्रेन स्ट्रोक से ठीक हुआ मरीज। स्रोत: अस्पताल प्रशासन
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रेवाड़ी। नागरिक अस्पताल में ब्रेन स्ट्रोक से पीड़ित एक मरीज का समय रहते सफल उपचार कर उसे नया जीवन दिया गया। 45 वर्षीय एक व्यक्ति के अचानक शरीर के बाएं हिस्से में कमजोरी, चलने-फिरने में असमर्थता और दैनिक कार्य करने में कठिनाई की शिकायत के साथ अस्पताल की ओपीडी में पहुंचा था।
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चिकित्सकों ने लक्षणों को गंभीरता से लेते हुए तुरंत मरीज को इमरजेंसी में भर्ती किया। मरीज की प्राथमिक जांच के बाद विशेषज्ञ डॉक्टरों ने तत्काल एनसीसीटी हेड जांच कराई। जांच में मस्तिष्क आघात (ब्रेन स्ट्रोक) की पुष्टि हुई।
जिसके बाद उपचार की प्रक्रिया बिना देरी शुरू कर दी गई। डॉक्टरों ने निर्धारित गोल्डन टाइम के भीतर मरीज को थ्रोम्बोलाइसिस का इलाज दिया। इलाज के 15 से 20 मिनट के भीतर ही मरीज की स्थिति में सुधार दिखाई देने लगा और प्रभावित अंगों में हलचल शुरू हो गई। लगभग एक घंटे के भीतर मरीज की शक्ति लगभग सामान्य हो गई।
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डॉक्टर बोले- हर मिनट है अहम
वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. मनीष यादव ने बताया कि ब्रेन स्ट्रोक एक मेडिकल इमरजेंसी है जिसमें हर मिनट महत्वपूर्ण होता है। समय पर थ्रोम्बोलाइसिस मिलने से मरीज की जान बचाने के साथ स्थायी विकलांगता से भी बचाव संभव है।
उन्होंने आमजन से अपील की है कि शरीर के किसी हिस्से में अचानक कमजोरी, बोलने में दिक्कत, चेहरे का टेढ़ा होना या संतुलन बिगड़ने जैसे लक्षण दिखें तो तुरंत नजदीकी अस्पताल में इलाज कराएं। समय पर उपचार से जान बचाई जा सकती है और गंभीर दुष्परिणामों से बचाव संभव है।


24 घंटे सक्रिय हैं आपात सेवाएं
प्रधान चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुरेंद्र यादव ने बताया कि स्वास्थ्य मंत्री आरती राव के निर्देश पर अस्पताल में सुविधाओं का लगातार विस्तार किया जा रहा है। अस्पताल में 24 घंटे आपात सेवाएं उपलब्ध हैं, जिससे गंभीर मरीजों को तुरंत उपचार मिल सके।

विकी रानी ने बताया कि अचानक तबीयत बिगड़ने पर परिवार घबरा गया था लेकिन अस्पताल में तुरंत जांच और उपचार मिलने से मरीज की हालत में तेजी से सुधार हुआ। उन्होंने डॉक्टरों और स्टाफ के प्रयासों की सराहना की।

ब्रेन स्ट्रोक से ठीक हुआ मरीज। स्रोत: अस्पताल प्रशासन

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