आईजीयू में आयोजित व्याख्यान के दौरान एक मंच पर आए विद्यार्थी व शिक्षक। स्रोत : विवि
रेवाड़ी। मीरपुर स्थित इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय के योग विभाग की तरफ से योग कारपोरेट क्षेत्र में उज्ज्वल करियर विषय पर व्याख्यान का आयोजन किया गया। इस दौरान भारत स्वाभिमान महाराष्ट्र के राज्य प्रभारी (मुंबई) योगाचार्य सुरेश यादव ने देश विदेश में योग शिक्षकों की मांग तेजी से बढ़ रही है।
उन्होंने कहा कि आत्मविश्वास, तन्मयता और विकल्परहित संकल्प के साथ योग को जीवन में अपनाने से न केवल व्यक्तिगत बदलाव आता है बल्कि समाज को भी दिशा मिलती है।
उन्होंने बताया कि प्रतिस्पर्धा और भागदौड़ भरी जिंदगी से शहरी-ग्रामीण दोनों क्षेत्रों के लोग असंख्य बीमारियों से जूझ रहे हैं। इनका स्थायी समाधान केवल योग ही है।
इसलिए देश-विदेश में योग शिक्षकों की मांग तेजी से बढ़ रही है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि योग पढ़ाई के साथ स्किल डेवलपमेंट और कम्युनिकेशन पर फोकस करें, जिससे अच्छी आजीविका संभव है।
फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े विजय भाटिया ने भी योग के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि अभिनय कला में शारीरिक-मानसिक स्वास्थ्य अनिवार्य है और योग-अभिनय एक-दूसरे के पूरक हैं।
उन्होंने कहा कि फिल्मी सितारे ही नहीं, बल्कि राजनीति के क्षेत्र में सक्रिय नेता भी योग अपना रहे है। सहायक प्राध्यापक डॉ. जयपाल सिंह राजपूत ने विद्यार्थियों को भविष्य के प्रति सजग रहने और कौशलयुक्त बनने की प्रेरणा दी। योग विभाग के अन्य प्राध्यापकों डॉ. अमनदीप, डॉ. धर्मवीर योगाचार्य, प्रवीण कुमार, अमित कुमार ने भी विद्यार्थियों को प्रोत्साहित किया।