अतिक्रमण करने वालों पर कार्रवाई करते कर्मी।
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अतिक्रमणकारियों के खिलाफ अब नगर परिषद(नप) भी एक्शन मोड़ में आती जा रही है। नगर परिषद के कर्मचारी अब रोजाना बाजारों में पहुंच रहे हैं तो अतिक्रमणकारियों को भी सबक मिल रहा है। वीरवार को नप की टीम ने बाजारों में पहुंचकर न सिर्फ सख्ती दिखाई बल्कि सामान भी जब्त किया। धड़ाधड़ कार्रवाई के चलते अतिक्रमणकारियों में भगदड़ मच गई। नप की कार्रवाई के बाद अब बाजार की सड़क खुली नजर आने लगी हैं।
चौड़ी नजर आने लगी सड़कें
अतिक्रमण के खिलाफ नगर परिषद की ओर से बीते करीब एक माह से लगातार अभियान चलाया जा रहा है। हैरानी इस बात की है कि लगातार अभियान के बावजूद अतिक्रमणकारी अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं। ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि बाजार के कुछ दुकानदार खुद ही अतिक्रमण करा रहे हैं। ये दुकानदार मोटे किराये के लालच में अपनी दुकानों के सामने फड़ लगवाते हैं। फड़ लगवाने के नाम पर ही 800 से एक हजार रुपये प्रतिदिन का किराया वसूला जा रहा है। यानी सरकारी सड़क का किराया दुकानदार वसूल रहे हैं। यही कारण है कि बाजार में जूते की दुकान हो या फिर बर्तन की, सबके बाहर कपड़ों व अन्य सामान की फड़ जरूर लगी हुई मिल जाएगी। इसके अतिरिक्त रेहड़ी वाले भी बाजार में सड़क के बीचोबीच अपनी रेहड़ी खड़ी करते हैं जिससे बाजारों में निकलना भी मुश्किल हो रहा है। नप की ओर से बुधवार को सख्ती से अतिक्रमणकारियों के चालान किए गए और सामान जब्त किया गया तो भगदड़ मच गई। रेहड़ी वाले मोती चौक से बजाजा बाजार की तरफ निकल गए। अतिक्रमण पूरी तरह से साफ हुआ तो बाजार की संकरी सी नजर आने वाली सड़क इतनी चौड़ी हो गई कि वहां से ट्रक भी निकाल दिए जाएं तो जाम नहीं लगेगा।
दुकानदार ही करा रहे अतिक्रमण
हैरानी इस बात की है कि लगातार कार्रवाई के बाद भी अतिक्रमणकारी अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं। ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि बाजार के कुछ दुकानदार खुद ही अतिक्रमण करा रहे हैं। ये दुकानदार मोटे किराए के लालच में अपनी दुकानों के सामने फड़ लगवाते हैं। फड़ लगवाने के नाम पर ही 1 हजार रुपये प्रतिदिन का किराया वसूला जा रहा है। यानी सरकारी सड़क का किराया दुकानदार वसूल रहे हैं, बाजार में जूते की दुकान हो या फिर बर्तन की, सबके बाहर कपड़ों व अन्य सामान की फड़ जरूर लगी मिलती है।
अतिक्रमणकारियों से लगातार आग्रह किया जा रहा है कि वह सड़कों पर कब्जा नहीं करें। दुकानदारों के लिए भी पीली पट्टी खींच दी गई है। इसके बावजूद अतिक्रमणकारी बाज नहीं आ रहे हैं। अतिक्रमण हटाने का अभियान लगातार जारी रहेगा। -पूनम यादव, नप चेयरपर्सन।