रेवाड़ी। पार्श्वगायिका और भारत रत्न लता मंगेशकर के निधन पर जिले के संगीतकारों और संगीत प्रेमियों में शोक की लहर है। उनका कहना है कि स्वर साम्राज्ञी के बिना पूरा संगीत साम्राज्य सूना हो गया है। उनके गीत हमेशा लोगों के दिलों में जिंदा रहेंगे। उनके निधन से संगीत का एक युग खत्म हो गया। इससे जगत को भारी क्षति हुई है।
वो हमारे दिलों हमेशा जिंदा रहेंगी
लता के निधन की खबर सुनने के बाद बहुत दुख हुआ। वह हमारे लिए साक्षात स्वर की देवी थीं। हम सभी उन्हें मां सरस्वती की तरह पूजते हैं। वो हमारे दिलों व हमारे संगीत में हमेशा जिंदा रहेंगी। उनका संगीत दिल को छू जाता है।
-प्रशांत मेहंदीरत्ता, संगीतकार
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संगीत के लिए अपूर्णनीय क्षति
लता मंगेशकर के निधन की खबर सुनने के बाद दुख हुआ। यह संगीत के लिए अपूरणीय क्षति है। उनके जीवन से हमें प्रेरणा लेनी चाहिए। उन्होंने संगीत के लिए पूरा जीवन समर्पित कर दिया। वह संगीत जगत के लिए मां सरस्वती के समान थीं। उनकी आवाज को सुनकर बचपन बीता।
-हीतू शर्मा, संगीत शिक्षिका
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संगीत जगत में गहरा शोक
संगीत जगत में गहरा शोक है। लता मंगेशकर के निधन की खबर दुख की बात है। कुछ पंक्तियों के माध्यम से उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर रही हूं। ‘ये दुनिया कैसे भूलेगी बता, तेरी आवाज चप्पे-चप्पे गूंज रही लता, सरगमों की रानी, सुरों की शहजादी, दूर-दराज, गांव-शहर तूझे सुने सारी आबादी, तुझे बेहतर नादान ने न किसी को गाते सुना, तेरी आवाज चप्पे-चप्पे गूंज रही लता। उनके गानों को बचपन से सुना है। उनकी आवाज में मां सरस्वती बसतीं थीं।
-दिप्ती, संगीतकार
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तहे दिल से लता मंगेश्कर को श्रद्धांजलि अर्पित करती हूं। भारत की स्वर कोकिला अपनी आवाज से दुनिया में नाम कर चुकी हैं। उनके स्वर और गीत अनंत काल तक रहेगी। वह भारत का गौरव थीं। उन्हें भारत रत्न व दादा साहब पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। उनके गानों की वजह से फिल्में हिट हुआ करती थी।
-सिमरन, संगीतकार
सिमरन- फोटो : Rewari