लोगों को नशे के खिलाफ जागरूक करती टीम। स्रोत : पुलिस
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रेवाड़ी। नशा मुक्ति टीम ने सोमवार को गांव खेड़ी मुरार और खातीवास में ग्रामीणों के साथ बैठक कर नशे के खिलाफ जागरुकता अभियान चलाया। इस दौरान टीम ने दो नशा पीड़ित व्यक्तियों की काउंसलिंग कर उन्हें डी-एडिक्शन सेंटर में भर्ती कराया।
टीम के अनुसार अब तक 266 नशा पीड़ित व्यक्तियों की पहचान की जा चुकी है, जो किसी न किसी प्रकार के नशे की गिरफ्त में हैं। इनमें से 83 लोगों का उपचार भी कराया गया है।
नशा मुक्ति टीम के इंचार्ज निरीक्षक रामपाल ने कहा कि पुलिस और आमजन के सहयोग से ही नशे जैसी सामाजिक बुराई पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि नशा व्यक्ति के जीवन को समय से पहले मृत्यु की ओर ले जाता है और पूरे परिवार को प्रभावित करता है।
उन्होंने बताया कि अभियान के तहत युवाओं को नशे से दूर रखने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। पुलिस के प्रयासों से कई युवा शिक्षा और खेल गतिविधियों की ओर अग्रसर हो रहे हैं, जबकि कई नशा पीड़ित इलाज के बाद समाज की मुख्यधारा में लौट रहे हैं।
रामपाल ने कहा कि नशा एक अभिशाप है, जिसका सभी को मिलकर बहिष्कार करना चाहिए। उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि किसी क्षेत्र में नशे का सेवन या अवैध सप्लाई की जानकारी मिले तो हेल्पलाइन नंबर 1933 या 112 पर सूचना दें। सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।