सिविल सर्जन को शिकायत सौंपते लोग।
- फोटो : Rewari
रेवाड़ी। शहर के नागरिक अस्पताल में सोमवार को प्रसव के दौरान बच्चे की मौत होने से व महिला की बच्चेदानी डैमेज होने पर परिजनों ने हंगामा किया। जब महिला की हालत गंभीर हुई तो चिकित्सकों ने अपना पल्ला झाड़ना शुरू कर दिया। परिजनों ने प्रबंधन को शिकायत देकर कार्रवाई करने की मांग की है।
12 नवंबर की रात रेवाड़ी के आदर्श नगर निवासी गर्भवती फूलकुमारी को लेबर पेन होने पर नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया गया। परिजनों कहना है कि उस वक्त चिकित्सकों ने सबकुछ ठीक बताया था, लेकिन सुबह 6 बजे तक प्रसव नहीं हुआ। इसके बाद अचानक अस्पताल प्रबंधन महिला को एक अलग कमरे में ले गया। परिजनों का आरोप है कि प्रसव से पहले पीड़िता की स्टाफ ने पिटाई की । अस्पताल के एक सफाई कर्मचारी ने जबरन पीड़िता के पेट को दबाया इससे बच्चेदानी भी डैमेज हो गई। आरोप है कि गर्भ में ही बच्चे की जब मौत हो गई तो अपना पल्ला झाड़ने के लिए चिकित्सकों ने उसे रेफर कर दिया। महिला की गंभीर स्थिति को देखते हुए परिजनों ने एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। महिला को दो दिन आईसीयू में रखा गया। सोमवार को जब महिला को होश आया तो उसने आप बीती बताई। वहीं निजी अस्पताल के चिकित्सकों ने भी परिजनों को बच्चेदानी डैमेज होने की जानकारी दी।
------------------
मिली शिकायत के आधार पर एक बोर्ड गठित कर मामले की गहनता से जांच की जाएगी। दोषी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. सर्वजीत थापर, प्रधान चिकित्सा अधिकारी नागरिक अस्पताल।