फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Rewari News: तहसीलदार-पटवारियों की हड़ताल से रजिस्ट्री, इंतकाल और प्रमाणपत्रों पर ब्रेक

विज्ञापन
फोटो : : खरखौदा उपमंडल कार्यालय में आकर एसडीएम, सीटीएम व डीआरओ को निर्देश देते उपायुक्त सुशील स
विज्ञापन
सोनीपत/खरखौदा। एसडीएम व नायब तहसीलदार पर अभद्रता का आरोप लगा उपमंडल कार्यालय प्रांगण में धरना दे रहे पटवारियों ने उपायुक्त के समझाने पर राज्यस्तरीय काॅल को टाल दिया है। फिलहाल पटवारी व कानूनगो जिला स्तर पर अपनी हड़ताल जारी रखेंगे।
विज्ञापन

दूसरी ओर तहसीलदार व नायब तहसीलदारों ने भी दूसरे दिन वर्क सस्पेंड जारी रखा और तहसील कार्यालयों में कोई भी राजस्व कार्य नहीं हो सका।
पटवारियों व कानूनगो के अलावा तहसीलदारों के हड़ताल के कारण तहसील व पटवारखाने बंद पड़े हैं। राजस्व कार्य न होने के कारण लोग बेहाल हैं।
जिलेभर में पहले रोजाना 200 रजिस्ट्री होती थी, अब किसी भी तहसील में कोई भी काम नहीं हो रहा है। जिले में चार तहसीलदार, छह नायब तहसीलदार ने दो दिन से वर्क सस्पेंड कर रखा है।
वहीं 73 पटवारी व 19 कानूनगो की वजह से 30 जनवरी से रोजाना 400 इंतकाल व प्रमाणपत्र सत्यापन का कार्य प्रभावित हो रहा है। तहसीलदार कोर्ट भी बंद होने के कारण तकसीम व गिरदावरी के केस की सुनवाई नहीं हो सकी। इसके कारण मुव्वकिलों को परेशानी हो रही है।
विज्ञापन

नायब तहसीलदार व एसडीएम पर अभद्रता करने के आरोपों के साथ ही नोटिस जारी होने के खिलाफ पटवारियों की तरफ से दो दिन से हड़ताल की जा रही है।
इसे लेकर उपायुक्त सुशील सारवान खरखौदा पहुंचे जहां पर पटवारियों के प्रतिनिधि मंडल ने उनसे मिलकर बात की। इस दौरान नगराधीश डॉ. अनमोल व जिला राजस्व अधिकारी सुशील शर्मा भी मौजूद रहे।
बैठक के बाद प्रतिनिधिमंडल वापस धरने पर लौटा। धरने पर आए पूर्व ब्लॉक चेयरमैन राजबीर दहिया से चर्चा के बाद दो दिन तक धरने के स्थगित करने का निर्णय लिया। पटवारी एसडीएम के तबादले पर अड़े हुए हैं।
-
पटवारी का पक्ष न लेने की नाराजगी धरने पर जताई
धरना दे रहे पटवारियों से शुक्रवार को कई दौर की बातचीत हुई। इस दौरान एक बार तहसीलदार बिजेंद्र नांदल के भी घटनाक्रम के दौरान मौजूद होते हुए पटवारी का पक्ष न लेने की नाराजगी धरने पर जताई गई। उन्होंने कहा कि इस माहौल में उनसे काम नहीं हो पाएगा। इस पर उन्होंने कहा कि जब पटवारी ही मौके पर अपनी गलती मांग रहा था, तो वह बीच में क्या करते। ऐसे में एक बार तो तहसीलदार पर ही एक पक्ष की तरफ होने के आरोप भी लगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें