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Rewari News: कर्नल होशियार सिंह को देख छलक पड़ीं परिवारीजनों और साथियों की आंखें

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वीर के सम्मान में नारे लगाते गांव सिसानावासी। संवाद
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सोनीपत। गांव सिसाना के करीब 300 लोगों ने शुक्रवार को शहर के एक मॉल में बाॅर्डर 2 फिल्म देखी। कर्नल होशियार सिंह को देख परिवारीजनों और साथियों की आंखें छलक पड़ीं। कर्नल के परिवारजनों के अलावा उनके साथी और ग्रामीण गाजे-बाजे के साथ फिल्म देखने पहुंचे थे।
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भारत मां के उस लाडले सपूत की वीरता के साक्षी रहे लोगों के सामने फिर एक बार वही छवि आ जाने से उनका भावुक होना स्वाभाविक था। उन्होंने कर्नल होशियार सिंह का किरदार निभाने वाले अभिनेता वरुण धवन की तारीफ की तो वहीं सरकार पर थोड़ी नाराजगी भी जाहिर की।
उन्होंने कहा कि देश में ऐसी ऐसी फिल्में बननी चाहिए। जब उनके साथी उनकी बातें कर रहे थे तो उनकी आंखों में नमी और आवाज में भारीपन था। इनमें क्षेत्र के गांव सिसाना, रोहणा, मटिंडू, गढ़ी सिसाना, खांडा, पिपली, थाना कला, थाना खुर्द व हलालपुर के 300 से ज्यादा शामिल थे।
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ग्रामीण इससे पहले खरखौदा स्थित दहिया जागृति स्थल पर एकत्रित हुए। यहां वीर योद्धा परमवीर चक्र विजेता कर्नल होशियार सिंह दहिया की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया।
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जब पाकिस्तानी सेना भागी तो पीछे 85 लाशों का ढेर था
सोनीपत के गांव सिसाना में 5 मई 1937 को जन्मे चौधरी हीरा सिंह दहिया के पुत्र होशियार सिंह का किस्सा किसी से छिपा नहीं है। 1971 की भारत-पाकिस्तान जंग में होशियार सिंह और उनकी कंपनी को पाकिस्तान में स्थित जरपाल पोस्ट पर कब्जा करने का जिम्मा मिला था। हमले के दौरान बेहद घायल होने के बाद भी वह कंपनी का हौसला बढ़ाते रहे। अंत में जब पाकिस्तानी सेना पोस्ट छोड़कर भागी तो पीछे 85 लाशों का ढेर था। इस पराक्रम के लिए उन्हें जीते जी भारत का सर्वोच्च सैन्य सम्मान परमवीर चक्र मिला था। 6 दिसंबर 1998 को प्राकृतिक कारणों से उनका निधन हो गया।

खंडित पड़ी वीर की मूर्ति, सरकार नहीं दे रही ध्यान : नारायण सिंह
होशियार सिंह के चचेरे भाई नारायण सिंह ने सरकार के रवैये पर सवालिया निशान उठाते हुए कहा कि गांव सिसाना में उनकी मूर्ति खंडित हुई पड़ी है। सरकार इस पर कोई ध्यान नहीं दे रही। स्मारक स्थल के लिए भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मोहनलाल बड़ौली ने कई महीने पहले 10 लाख रुपये की ग्रांट की घोषणा की थी। इसमें से आज तक एक फूटी कौड़ी नहीं मिली है। विकेश दहिया, राजकुमार सिसाना, रमेश सिसाना, राज सिंह हलालपुर, लालू खांडा और अन्य ने भी एक सुर में कहा कि सरकार को इस मसले पर गंभीर होने की जरूरत है।

वीर के सम्मान में नारे लगाते गांव सिसानावासी। संवाद

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