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बावल में टीम का छापा, खाद्य पदार्थों के पांच नमूने लिए

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रेवाड़ी। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने शुक्रवार की देर शाम को दुकानों पर छापा मारकर खाद्य पदार्थों के पांच नमूने लिए। साथ ही उन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला में भेज दिया है। टीम ने जिले में गत 4-5 माह में 104 नमूने लिए थे। जांच में 17 नमूने फेल आए हैं। दुकानदारों के खिलाफ अदालती कार्रवाई शुरू कर दी है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने कहा कि मिलावटखोरों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा।
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जिले में गत 4-5 माह से लगातार खाद्य एवं पेय पदार्थों में मिलावट रोकने के लिए नमूने लेने की कार्रवाई की है। इस अवधि के दौरान जिले के कस्बा धारूहेड़ा, रेवाड़ी, कोसली, बावल, खोरी, डहीना, गंगायचा समेत अन्य जगहों पर मिष्ठान भंडारों, परचून दुकानदारों के खिलाफ केस दर्ज कराकर कार्रवाई शुरू कर दी है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी डा. दीपक चौधरी ने बताया कि जिले में खाद्य एवं पेय पदार्थों में मिलावट के खिलाफ अभियान नवंबर से अब तक जारी है। अभियान में एक कंपनी के दूध के नमूने में जांच के दौरान वसा कम मिली। शहर के मोहल्ला कुतुबपुर के जीत मिष्ठान से लिए गए पनीर के नमूने का जांच में फेल निकल गया। गंगायचा अहीर के बस अड्डे पर परचून की दुकान से देसी घी नमूना भी जांच में फेल हो गया। इनके अलावा जनवरी में जिले में आटे के बिस्कुट बनाने वाली बेकरियों में साफ - सफाई और खाद्य पदार्थ बनाने में इस्तेमाल आटा और मैदा के नमूने लिए गए, जो जांच में फेल हो गए। जिला में ऐसे 10 नमूने लिए गए, जिनमें मैदा के दो नमूने फेल हो गए।
उनके बताया कि कस्बा धारूहेड़ा के सेक्टर छह में बीकानेर स्वीट्स से लिया पनीर का नमूना भी प्रयोगशाला में खरा नहीं उतरा। उधर किराना स्टोर से लिया सरसों के तेल का बोतल बंद नमूना भी जांच में मिलावट वाला निकला। बावल क्षेत्र में बागड़ी स्वीट्स से लिया मिल्ककेक यानी कलाकंद के नमूने में जांच के दौरान वनस्पति तेल की मिलावट मिली। इनके अलावा पनीर के पांच नमूने भी फेल हो गए, जो ग्रामीण क्षेत्रों से लिए गए थे। इनके अलावा छेना, मावा नमूने भी जांच में शुद्धता के पैमाने को नहीं टिक पाए। खाद्य सुरक्षा अधिकारी दीपक चौधरी के मुताबिक जिन दुकानदारों के खाद्य नमूने जांच में फेल हुए, इनको खाद्य सुरक्षा विभाग ने जांच रिपोर्ट आने के बाद कारण बताओ नोटिस जारी किए और एक माह में अपना जवाब दाखिल करने का समय दिया। इसके बाद संतोषजनक जवाब नहीं मिलने या जवाब नहीं आने पर इनके खिलाफ केस दर्ज करके अदालत में कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
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उन्होंने बताया कि खाद्य सुरक्षा कानून के तहत संबंधित दुकानदार पर आर्थिक जुर्माना और कारावास दोनों सजाएं अदालत के विवेक अनुसार हो सकती हैं। देर शाम भी कस्बा बावल में पनीर, दूध, मैदा के पांच नमूने लेकर इनको मौके पर सील करने के बाद जांच के लिए भिजवा दिया गया। इनकी जांच रिपोर्ट एक पखवाड़ा के भीतर आ जाएगी।
कोट
पदार्थों की जांच के लिए खाद्य सुरक्षा मोबाइल वैन विभिन्न जगहों पर खड़ी होती है। अगर किसी भी उपभोक्ता को इस बात का जरा भी शक है कि किसी दुकान पर मिलावटी खाद्य सामान बेचा जा रहा है या किसी खाद्य पदार्थ की गुणवत्ता सही नहीं, तो वह संबंधित खाद्य नमूने को घरेलू इस्तेमाल में नहीं लाकर उसकी जांच प्रयोगशाला से कराए और सामान खरीदते वक्त उसकी खरीद रसीद जरूर लें। मिलावट मिलने पर दुकानदार के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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- डॉ. दीपक चौधरी, खाद्य सुरक्षा अधिकारी।
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