रेवाड़ी। शिक्षा विभाग ने शिक्षण में गुणवत्ता सुधारने के उद्देश्य से एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) आधारित गुरु मित्र एप लॉन्च किया है। इस एप के माध्यम से शिक्षकों को मूल्यांकन, कंटेंट निर्माण और कक्षा प्रबंधन में मिलेगी सहायता मिलेगी। सरकारी स्कूलों के सभी शिक्षकों को गुरु मित्र एप डाउनलोड करने का निर्देश दिया गया है।
जिला शिक्षा अधिकारियों, मौलिक शिक्षा अधिकारी और सरकारी स्कूलों के प्रधानाध्यापकों को निर्देश दिया गया है कि वे शिक्षकों से गुरु मित्र एप डाउनलोड कराएं।
गुरु मित्र एप एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) आधारित शैक्षिक सहायता प्लेटफॉर्म है जिसे शिक्षकों की दैनिक शैक्षणिक और व्यावसायिक गतिविधियों को सरल बनाने के उद्देश्य से विकसित किया गया है।
एप के माध्यम से शिक्षक बेहतर पाठ योजनाएं तैयार कर सकेंगे। शिक्षण-अधिगम सामग्री विकसित करने में सहायता प्राप्त करेंगे। विभाग का कहना है कि एप छात्रों के मूल्यांकन, शैक्षणिक कंटेंट निर्माण और कक्षा प्रबंधन जैसे कार्यों को भी आसान बनाएगा।
इसके अलावा शिक्षकों को विभिन्न डिजिटल शैक्षिक संसाधन एक ही मंच पर उपलब्ध होंगे, जिससे शिक्षण कार्य की गुणवत्ता में सुधार आने की उम्मीद है। शिक्षा विभाग ने सभी शिक्षकों को नियमित रूप से एप का उपयोग करने के निर्देश दिए हैं।
किसी भी विषय पर तैयार कर सकेंगे पाठ योजना
एप के माध्यम से शिक्षक किसी भी विषय का चयन कर विद्यार्थियों के स्तर के अनुसार अनुकूलित पाठ योजना तैयार कर सकेंगे। चयनित विषयों के आधार पर तुरंत टेस्ट, क्विज और होमवर्क असाइनमेंट भी जेनरेट किए जा सकेंगे। एप की एक विशेषता यह भी है कि इसमें उपलब्ध अध्ययन सामग्री कक्षा और विषय के अनुसार स्वत: अनुकूलित हो जाती है, जिससे विद्यार्थियों की जरूरतों के अनुरूप शिक्षण संभव होगा। शिक्षक किसी भी विषय से जुड़े प्रश्न पूछकर तत्काल सहायता और मार्गदर्शन प्राप्त कर सकेंगे। एप में सुरक्षित लॉगइन की सुविधा दी गई है। शिक्षक ईमेल और पासवर्ड के माध्यम से लागइन कर इसकी सेवाओं का उपयोग कर सकेंगे। विभाग का मानना है कि इस पहल से शिक्षण कार्य में गुणवत्ता बढ़ेगी और शिक्षकों को डिजिटल संसाधनों का बेहतर लाभ मिल सकेगा।
वर्जन:
गुरु मित्र एप शिक्षकों के लिए एक उपयोगी डिजिटल प्लेटफॉर्म है। इसके माध्यम से शिक्षक पाठ योजना तैयार करने, क्विज और असाइनमेंट बनाने के साथ-साथ एआई आधारित शैक्षणिक सहायता भी प्राप्त कर सकेंगे।-दुष्यंत सिंह, प्राचार्य, पीएमश्री विद्यालय बिठवाना