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महाविद्यालय में पीजी कोर्स शुरू करने की मांग को लेकर विद्यार्थियों ने गेट पर जड़ा ताला

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बावल में कॉलेज के बाहर प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों को समझाते शिक्षक। संवाद - फोटो : Rewari
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बावल स्थित राजकीय महाविद्यालय में परास्नातक के कोर्स शुरू कराने की मांग को लेकर विद्यार्थियों ने सोमवार को महाविद्यालय के गेट पर ताला जड़ दिया। विद्यार्थियों द्वारा ताला लगाने की सूचना मिलने के बाद नायब तहसीलदार व बावल थाना एसएचओ ने मौके पर पहुंचकर उन्हें समझा कर गेट खुलवा दिया। इस दौरान विद्यार्थियों ने पीजी कोर्स शुरू कराने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
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बता दे कि काफी समय से बावल क्षेत्र के विद्यार्थियों द्वारा राजकीय महाविद्यालय में परास्नातक कोर्स शुरू कराने की मांग कर रहे हैं। विद्यार्थियों ने अपनी इस मांग को लेकर कई बार जिला प्रशासन के अधिकारियों से मिल चुके थे, लेकिन उनकी मांग अनसुनी की जा रही थी। सोमवार को गुस्साए विद्यार्थियों ने कॉलेज के गेट पर ताला लगा दिया। विद्यार्थियों ने दो घंटे तक कॉलेज के गेट पर ताला लगाकर कर धरने पर बैठे रहे। उनका कहना था कि बावल क्षेत्र में किसी भी महाविद्यालय में परास्नातक कोर्स नहीं है, इसलिए विद्यार्थियों को शिक्षा ग्रहण करने के लिए दूर जाना पड़ रहा है।
बावल राजकीय महाविद्यालय में केवल संस्कृत एमए विषय की पढ़ाई हो रही है। बावल कॉलेज में पीजी कोर्स की कक्षाएं शुरू होने के बाद आसपास के 80 गांवों के विद्यार्थियों को फायदा मिलेगा। तत्पश्चात प्रशासन की तरफ से नायब तहसीलदार रवि और कॉलेज स्टाफ पहुंचा। नायब तहसीलदार और कॉलेज प्रिंसिपल ने आश्वस्त किया कि उनकी डिमांड को मुख्यमंत्री व हायर एजुकेशन को भेजा जाएगा। इनसो जिला अध्यक्ष सत्येंद्र झाबुआ ने कहा कि बावल क्षेत्र के लगभग 80 गांव के छात्र शिक्षा ग्रहण के लिए बावल कॉलेज में आते हैं, लेकिन उत्तर शिक्षा के लिए इन्हें परेशानी का सामना करना पड़ता है। बावल कॉलेज में एमए, एमकॉम और एमएससी के विभिन्न संकाय की कक्षाएं शुरू की जाएं। इस क्षेत्र के छात्रों को उच्चतर शिक्षा के लिए कहीं दूर न जाना पड़े।
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इस अवसर पर कोमल, ज्योति, सुषमा, आशा, शालू, श्रुति, सुनील प्रदीप सचिन जलदीप, पंकज, सचिन, देवेंद्र, राहुल, अंकित, बिट्टू, संजय चौकन, कोमल, सुषमा, कृष्ण राव, मनीष सहित अनेक छात्र मौजूद रहे ।
जिले में केवल पीजी की 670 सीटें
रेवाड़ी जिले में 18 राजकीय, सरकारी अनुदान प्राप्त और निजी महाविद्यालय में 10500 सीटें हैं। इसके अलावा एक महिला रीजनल सेंटर व इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय में यूजी कोर्स की कक्षाएं चल रही हैं। प्रतिवर्ष जिले में लगभग 10 हजार विद्यार्थी स्नातक की डिग्री हासिल करते हैं। जबकि सात राजकीय, सरकारी अनुदान प्राप्त और निजी महाविद्यालय में स्नातकोत्तर की 670 सीटें हैं। जिले में स्नातकोत्तर सीट कम होने के कारण बहुत से विद्यार्थी आगे की शिक्षा ग्रहण नहीं कर पाते या दूसरे जिलों में जाना पड़ता है। प्रतिवर्ष जिन छात्राओं को अभिभावक दूसरे जिले में भेजने में असमर्थ हैं वो छात्राएं पीजी कोर्स की सीट कम होने के कारण बहुत सी छात्राएं दाखिला लेने से वंचित रह जाती हैं।
किसी भी कॉलेज में नहीं होती अंग्रेजी एमए विषय की पढ़ाई
जिले में एक महिला रीजनल सेंटर व एक विश्वविद्यालय हैं, लेकिन इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय के अलावा किसी भी कॉलेज में अंग्रेजी एमए विषय की पढ़ाई नहीं होती है। ऐसे में विद्यार्थियों की अंग्रेजी एमए विषय की पढ़ाई करने के लिए दूसरे में जिले शिक्षा ग्रहण करने के लिए जाना पड़ रहा हैं, जबकि वर्तमान समय अंग्रेजी को अनिवार्य विषय माना जाता हैं।

बावल में कॉलेज के गेट पर ताला लगाकर प्रदर्शन करते विद्यार्थी। संवाद- फोटो : Rewari

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