गांव गोविंदपुरी में निर्माणाधीन अंडरपास का निरीक्षण करते एसडीएम रविंद्र यादव।
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रेवाड़ी। अधूरे पड़े गोविंदपुरी अंडरपास को लेकर एसडीएम रविंद्र यादव ने ग्रामीणों से मुलाकात कर मौके पर मुआयना किया। अधूरे पड़े गोविंदपुरी अंडरपास को लेकर परेशान ग्रामीण उपायुक्त से मिलने के बाद एसडीएम ने मौके पर मुआयना किया। उनके साथ मौके पर एनएचएआई के अधिकारी भी पहुंचे।
एसडीएम ने ग्रामीणों की बात सुनकर लोगों को भरोसा दिलाया कि जल्द ही निर्माणाधीन अंडरपास को जल्द पूरा किया जाएगा। एनएचएआई के अधिकारियों ने एसडीएम को तकनीकी रूप से दिखाया कि असपास के सभी गांवों के लोगों को इस अंडरपास से आने-जाने में सुविधा होगी। बीते 6 वर्षों से रेवाड़ी-नारनौल हाईवे स्थित गोविंदपुरी अंडरपास का कार्य अधूरा पड़ा है, इससे आये दिन कभी कोई ग्रामीण तो कभी पशु दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं। ग्राम गोविन्दपुरी का यह पहला गांव है जिसका कोई सरकारी रास्ता नहीं है विद्यार्थियों को पढ़ने किसानों को खेतो में जाने व रोजगार के लिए लोगों को तीन रेलवे लाइनों को पार करके शहर स्कूल व महिलाओं को पानी व हरा चारा लाने के लिये अपनी जान जोखिम में डालकर रेलवे लाइन पार कर जाना पड़ता है।
ग्रामीणों ने बताया कि लगभग छह वर्ष पहले खोल ब्लॉक के 58 गांवों की संघर्ष समिति ने 135 दिन तक धरना प्रदर्शन किया था। इस पर मुख्यमंत्री मनहोरलाल ने बावल रैली में गोविंदपुरी में अंडरपास बनाने की घोषणा की थी जो अभी तक पूरी नही हुई है। संघर्ष समिति के अध्यक्ष ओमप्रकाश यादव व राधेश्याम शर्मा ने कहा कि यह अंडरपास असपास के सभी गांवो को आनेजाने के लिए जोड़ने का काम करेगा। इस मौके पर सत्यवीर, ओमप्रकाश, संजय, जसवंत, मनोज, सतेंद्र, महेश, धनराज सहित अन्य ग्रामीण मौजूद थे।