संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। गर्मी की छुट्टी के बाद मंगलवार को सभी विद्यालय खुल गए। कुछ बच्चे साथियों के बीच पहुंचने के लिए स्कूल जाने को लेकर उत्साहित थे तो अधिकतर बच्चों को अभिभावकों ने समझा कर भेजा। हालांकि सुबह बारिश होने के कारण स्कूलों में कम बच्चे पहुंचे। पहले दिन शिक्षकों ने बच्चों से घुलने-मिलने का प्रयास किया और उनसे छुट्टी का अनुभव पूछा।
शहर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में मंगलवार को सुबह से रुक-रुक कर तेज बारिश होती रही, जिससे अधिकतर विद्यार्थी स्कूल नहीं पहुंच सके।
सड़कों पर जलभराव होने के कारण बहुत से अभिभावकों ने बच्चों को स्कूल भेजना सुरक्षित नहीं समझा। जो बच्चे स्कूल पहुंचे, उनके लिए शिक्षकों ने पहले दिन हल्की गतिविधियां आयोजित कीं। शिक्षकों ने बच्चों से बातचीत की और उनसे घुलने-मिलने का प्रयास किया।
स्कूलों में शिक्षकों ने बच्चों को छुट्टियों का अनुभव साझा करने के लिए प्रोत्साहित किया, जिससे कक्षा का माहौल सहज बना रहे। शहर स्थित राजकीय कन्या विद्यालय में जहां 800 से अधिक छात्र पढ़ते हैं लेकिन पहले दिन 10 प्रतिशत बच्चे ही उपस्थित रहे।
राजकीय बाल वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में बच्चों की संख्या में काफी कम रही। ग्रामीण क्षेत्रों में पीएमश्री विद्यालय बिठवाना, राजकीय प्राथमिक पाठशाला कान्हड़वास, प्राथमिक विद्यालय कुंभावास में विद्यार्थियों की उपस्थिति 10 प्रतिशत रही।
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राजकीय विद्यालयों में 5 जुलाई को होगी पीटीएम
राजकीय प्राथमिक विद्यालयों में 5 जुलाई को तीसरी से पांचवीं कक्षा के बच्चों के लिए अभिभावक-शिक्षक बैठक (पीटीएम) होगी। इसका उद्देश्य छात्रों की शैक्षणिक और व्यक्तिगत कमियों की पहचान कर उन्हें दूर करने के लिए अभिभावकों से संवाद करना है। पीटीएम को रोचक बनाने के लिए विद्यालयों में खेल गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। कार्यक्रम में मटका दौड़, नींबू दौड़, तीन पैर दौड़, म्यूजिकल चेयर और रस्साकशी प्रतियोगिता होगी। इन खेलों में बच्चे और उनके अभिभावक हिस्सा लेंगे।
वर्जन
बारिश के कारण ग्रामीण क्षेत्रों से बच्चों को आने में काफी परेशानी हुई। मौसम खराब होने के कारण स्कूलों में बच्चों की संख्या काफी कम रही।-दुष्यंत सिंह, प्रधानाचार्य, पीएमश्री विद्यालय बिठवाना।
वर्जन
छुट्टी के बाद स्कूल खुलने के पहले दिन बारिश के चलते बच्चों की उपस्थिति कम रही। आने वाले दिनों में बच्चों की संख्या में वृद्धि होगी।-सुभाष चंद सांभरिया, जिला शिक्षा अधिकारी रेवाड़ी।