बावल के राजकीय स्कूल में जर्जर बिल्डिंग में पढ़ते बच्चे।
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बावल। बेहतरी के तमाम दावों के बीच बावल स्थित सराय के नाम से पहचान रखने वाले सरकारी मिडिल स्कूल का भवन जर्जर हालत में है। इसमें 322 बच्चे पढ़ने को मजबूर हैं। भवन की हालत ऐसी है कि कभी भी भरभरा कर गिर सकता है।
जानकारी के अनुसार अंग्रेजों के जमाने की बनी बिल्डिंग का सुंदरीकरण करना तो दूर की बात, उसका रख रखाव और मरम्मत तक नहीं कराई गई। बारिश के दिनों में कमरों से लेकर कार्यालय तक में पानी टपकता है। अध्यापक महाबीर सिंह ने बताया पहली कि पांचवीं तक 239 और छटी से आठवीं तक 83 बच्चे पढ़ते हैं। इन दिनों छोटे च्चों की छुट्टी है, लेकिन आठवीं तक के बच्चे स्कूल में आ रहे हैं। बच्चों को जर्जर हो चुकी बिल्डिंग में बैठाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कोई भी बड़ा हादसा हो सकता है। स्कूल में रखीं किताबें व अन्य सामग्री भीगकर खराब हो रहे हैं। अतिरिक्त चार्ज संभाल रहे शिक्षा अधिकारी अधिकारी रामपाल ने कहा कि कई बार उच्च अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है। बैठक में भी कह चुके हैं। उन्होंने खुद स्कूल के लड़कों को बॉयज स्कूल और लड़कियों को गर्ल स्कूल में पढ़ाने का सुझाव दिया था, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।