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शहर के मुख्य चौराहों पर लगे सीसीटीवी चालू करने के लिए नहीं मिली बिजली

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शहर में लगे सीसीटीवी कैमरे। - फोटो : Rewari
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रेवाड़ी। मार्च के अंतिम सप्ताह में शहर के अभय सिंह चौक, नाई वाली चौक, पायलट व झज्जर चौक पर आधुनिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। लेकिन संचालन के लिए बिजली कनेक्शन नहीं मिलने से ये शुरू नहीं हो सके हैं।
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बता दें कि इन सीसीटीवी कैमरों को कंट्रोल रूप में बैठकर सॉफ्टवेयर के माध्यम से जरूरत के हिसाब से लेंस एडजेस्ट किया जा सकता है। लेकिन इनके संचालन के लिए बिजली की आपूर्ति जरूरी है। ऐसे में अब सवाल खड़े हो रहे हैं कि प्रबंधन के अभाव में लाखों रुपये के लगाए गए इन कैमरों की हश्र भी कहीं शहर में लाखों रुपये की लागत से चौराहों पर लगाए रेड सिग्नल जैसा न हो जाए। क्योंकि रेड सिग्नल लगे जरूर थे, लेकिन बंद पड़े हुए हैं। ऐसा ही हाल नगर परिषद की ओर से शरह के बाजारों में लगाए सीसीटीवी का भी है। बता दें कि इन पीटीजेस सीसीटीवी के एक कैमरा लगाने पर करीब एक लाख रुपये का खर्च आता है। यदि कैमरेे का संचालन हो जाए तो इनके माध्यम से दिन के अलावा रात के समय भी चारों दिशाओं में निगरानी की जा सकती है।
शहर एवं हाईवे पर वारदात को अंजाम देने के बाद फरार होने वाले अपराधियों पर लगाम कसने के लिए शहर के मुख्य चौराहों व हाईवे के हॉट स्पॉट पर विशेष क्वालिटी के पीटीजेड सीसीटीवी कैमरे लगाने का निर्णय पुलिस ने लिया था। मकसद शहर में होने वाली आपराधिक वारदात पर नियंत्रण और अपराधियों की पहचान करना था।
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किसान आंदोलन स्थल व हीरो होंडा चौक पर भी लगने हैं कैमरे
शहर के चार मुख्य चौराहों के अलावा उच्च गुणवत्ता के सीसीटीवी कैमरे शहर के चार मुख्य चौराहों के अलावा दिल्ली-जयपुर हाईवे पर कापड़ीवास के पास हीरो होंडा चौक, कसौला चौक व खेड़ा बॉर्डर पर भी लगाए जाने हैं। लेकिन शहर में ही पेंच फंसने के चलते आगे का कार्य नहीं हो पाया है। सूत्रों ने बताया कि इस कंट्रोल रूम में सीसीटीवी के माध्यम से शहर व हाईवे पर कहीं भी होने वाली आपराधिक गतिविधियों पर एक साथ नजर रखी जा सकेगी। सीसीटीवी कैमरे के माध्यम से शहर में हो रही आपराधिक गतिविधियों पर भी नजर रख सकने में आसानी होगी। साथ ही पुलिस को चोरी, लूटपाट, स्नैचिंग व अन्य मामलों की जांच के लिए सीसीटीवी कैमरों की फुटेज से सहारा मिलेगा।
हाइटेक हैं कैमरे:
शहर में लगवाए जाने कैमरे डे- एंड नाइट विजन, एचडी क्वालिटी, थ्रीसीसीडी एवं पीटीजेड क्वालिटी के होंगे। कैमरों में वाहनों का नंबर और व्यक्ति का चेहरा पूर्ण रूप से कैद हो जाएगा। इन सीसीटीवी कैमरों को वायरलेस के माध्यम से भी जोड़ा जाएगा। सभी कैमरों का एक जगह कंट्रोल रूम होने के कारण पुलिस वीटी के माध्यम से भी आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगा सकेगी।
डीएसपी मोहम्मद जमाल ने बताया कि कैमरों के लिए बिजली उपलब्ध कराने को लेकर नगर परिषद से बात हो गई है। अगले दो-तीन दिनों में सीसीटीवी कैमरों का चालू करा दिया जाएगा।
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