आंदोलन जारी है और चलता रहेगा। अफवाहें उड़ती रहती हैं। जब तक गांव में बैठा हुआ किसान आंदोलन के साथ है, तब तक दिल्ली पुलिस या केंद्र सरकार इस आंदोलन को नहीं उखाड़ सकती है। आंदोलन चल रहा है और मांग मनवा कर ही उठेगा। यह बात रेवाड़ी अनाज मंडी पहुंचे जय किसान आंदोलन के संयोजक व किसान नेता योगेंद्र यादव ने किसानों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनने के बाद कही।
अपने गृह जनपद रेवाड़ी पहुंचे योगेंद्र ने अनाज मंडी में बाजरे की सरकारी और गैर सरकारी खरीद की जानकारी ली। किसानों के साथ डीएपी खाद की किल्लत और एमएसपी पर बाजरे की खरीद न होने की वजह से हो रहे नुकसान के बारे में चर्चा की। उन्होेंने कहा कि मांग सिर्फ तीन कानून वापस कराने भर की नहीं है, बल्कि एमएसपी पर लीगल गारंटी का कानून भी मांग में शामिल है। जब तक एमएसपी पर बात नहीं होगी, तब तक कोई नहीं उठेगा। योगेंद्र ने कहा कि यह इसलिए कह रहा हूं, क्योंकि दो-तीन दिन से एक बात उड़ाई जा रही है कि दिवाली से पहले आंदोलन उठ जाएगा। एमएसपी की गारंटी का कानून होता तो आज यहां किसानों को बाजरे पर प्रति क्विंटल 200 से 400 रुपये का नुकसान नहीं होता।
उन्होंने कहा कि अगर 200 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से भी आंकड़ा निकाला जाए तो अब तक रेवाड़ी मंडी में ही 5 करोड़ की लूट किसानों के साथ हो चुकी है। उससे बचने का एक ही तरीका है और वह एमएसपी का कानून है। योगेंद्र ने टिकरी और गाजीपुर बॉर्डर से दिल्ली पुलिस के बैरिकेड हटाने के बारे में कहा कि रास्ता दिल्ली पुलिस ने बंद किया था और अब वही बैरिकेड्स हटा रही है।
दरअसल, दक्षिणी हरियाणा में इस समय बाजरे की खरीद चल रही है। सरकार ने बाजरे का एमएसपी मूल्य 2250 रुपये निर्धारित किया हुआ है, लेकिन इस बार बाजरे की खरीद एमएसपी पर नहीं हो रही है। जिसकी वजह से सरकार ने किसानों को राहत देने के लिए भावंतर भरपाई योजना के तहत 600 रुपये देने का फैसला लिया हुआ है। लेकिन इससे भी यहां के किसान खुश नहीं हैं।
खाद के लिए आज भी लाइन में किसान
बता दें, प्रदेश के किसान खाद के लिए परेशान हैं। गुरुग्राम से लेकर दादरी तक एक महीने से डीएपी खाद के लिए मारामारी मची हुई है। डीएपी खाद नहीं मिलने के कारण किसान रोड जाम तक कर चुके हैं। खाद की किल्लत के चलते इस बार सरसों की फसल की बिजाई भी लेट हुई है।
आनाज मंडी में खाद ब्रिकी केंद्र का जायजा लेते जय किसान आंदोलन के संयोजक योगेंद्र यादव। संवाद- फोटो : Rewari