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सरकारी स्कूलों में बनाए जाएंगे रीडिंग कॉर्नर

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जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय। संवाद - फोटो : Rewari
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बच्चों में किताब पढ़ने की रुचि पैदा करने के लिए सरकारी स्कूलों में रीडिंग कॉर्नर यानी पुस्तकालय खोले जाएंगे। इन कॉर्नरोें की शुरुआत बाल दिवस से की जाएगी। इसके लिए बजट का प्रावधान नहीं किया गया है। इस कॉर्नर में लोगों द्वारा भेंट की गई पुस्तकों को रखा जाएगा। वरिष्ठ नागरिक की ओर से इनका शुभारंभ किया जाएगा। विद्यार्थियों के लिए यहां पर समाचार पत्र भी रखे जाएंगे, जिसे अध्यापक पढ़ना सिखाएंगे।
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हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद पर पुस्तक मेला भी लगाया जाएगा। इसे लेकर सभी जिलों के प्रोजेक्ट को ऑर्डिनेटर को आदेश जारी किए गए हैं। पहली से पांचवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों में पढ़ने के लिए रुचि पैदा करने के लिए एक्टिविटी भी की जाएगी। इसमें अध्यापक कहानी, चित्र दिखाकर पढ़ाएंगे। पठन कौशल से पाठक अपनी संस्कृति एवं सांस्कृतिक विरासत का ज्ञान देना इसका उद्देश्य है। बालपन से ही बच्चों में पढ़ने के लिए आदत रहे इसे लेकर ही बाल दिवस से पुस्तक मेला लगाया जाएगा। इसे रीडिंग कॉर्नर के साथ पुस्तकालय का नाम दिया गया है।
अध्यापकों को यह दी गई जिम्मेदारी
राष्ट्रीय पुस्तकालय सप्ताह के दौरान अध्यापकों को भी जिम्मेदारी दी गई है। आयोजन के समय अपनी सुविधा के अनुसार किन्हीं दो कक्षाओं में पुस्तक पढ़ाई जाए। विद्यार्थियों की आयु व स्तर के अनुसार सभी किताबों का चयन किया जाए। उन्हें सही ढंग से लगाया जाए। पुस्तकों को कक्षा 1, 2, 3 से 8, 9 से 12 के स्तर पर विषय वस्तु के अनुसार लगाकर सभी बच्चों को परिचित कराएं, जिससे उनमें विभिन्न विषयों के प्रति रुचि उत्पन्न हो सके। रीडिंग से संबंधित सभी गतिविधियों को कराने में इन विद्यार्थियों की अहम भूमिका रहेगी। इसके लिए छह विद्यार्थियों का चयन किया जाना है। यह विद्यार्थी अपनी बारी के अनुसार पुस्तकालय कक्ष में व्यवस्था संभालेंगे। साथ ही कक्षा में स्थान के अनुसार रीडिंग कॉर्नर की स्थापना की जाएगी। अध्यापक विद्यार्थियों को विषयों को पढ़ने के अवसर प्रदान करेंगे।
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मकसद : बच्चों में पढ़ने की रुचि पैदा करना
अध्यापक पुस्तकालय के प्रयोग व बच्चों को पुस्तक के अवसर प्रदान की प्रक्रिया को लगातार जारी रखेंगे। अध्यापक खुद भी रचनात्मक कहानी सुना सकते हैं। विद्यार्थी इस दौरान अपनी मनपसंद पुस्तक का चयन कर के दो से तीन समूह में बोल कर सुनाएंगे। समूह में तेज प्रवाह से तथा धीरे प्रवाह में पढ़ने वाले बच्चों को शामिल किया जाएगा। अपनी कहानी के बारे में बच्चों को भी बताएंगे।
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बच्चों में पुस्तक बढ़ने की रूचि बढ़ाने के लिए सरकारी स्कूलों में रीडिंग कॉर्नर बनाएं जाएंगे। इसकी शुरूआत बाल दिवस की जाएंगी। कपिल पूनिया, डीईईओ
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