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रविवार को 119 एमएम बारिश ने 24 साल का रिकॉर्ड तोड़ा, 1995 में एक दिन में 135 एमएम हुई थी बारिश

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पूरा सावन सूखा रहने के बाद भादो में रविवार को हुई 119 एमएम बारिश ने 24 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया। इससे पहले एक दिन में सबसे ज्यादा 1995 में 135 एमएम बारिश दर्ज की गई थी। उस समय साबी नदी से रेवाड़ी में बाढ़ की स्थिति भी बन गई थी। इस मानसून सीजन में पहली बार हुई तेज बारिश का पानी शहर के नागरिक अस्पताल स्थित गायनी वार्ड तक पहुंच गया, लेकिन पहले से ही अलर्ट स्वास्थ्य विभाग ने पंप के माध्यम से पानी को बाहर निकाला, हालांकि पानी बहुत ज्यादा होने के चलते देर रात तक अस्पताल परिसर में पानी भरा रहा। बिजली गुल रहने के चलते एसएनसीयू व ब्लड बैंक जनरेटर से चलाना पड़ा।
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रविवार दोपहर करीब चार बजे शुरू हुई बारिश साढ़े पांच बजे तक होती रही। इस दौरान शहर के मॉडल टाऊन, दिल्ली रोड, अंबेडकर चौक, भाड़ावास गेट, राजीव नगर, नई बस्ती सहित अनेक कॉलोनियों में 3-4 फीट तक पानी भर गया। देर रात तक पानी नहीं निकल पाया था।
नई सब्जी मंडी सहित अनेक बाजारों की दुकानों में भरा पानी
भारी बारिश के चलते बारिश का पानी अनेक बाजारों में दुकानों के अंदर तक पहुंच गया। शहर की नई सब्जी मंडी के पास आर्य समाज रोड पर पानी दुकानों के अंदर पहुंचा, यहां पर कई घरों की छतों से भी पानी टपकने लगा। इसके अलावा नई अनाज मंडी व नेहरू पार्क के बीच से सचिवालय को जाने वाली सड़क भी तालाब जैसी दिखाई दी। अनाज मंडी में भी जलभराव की स्थिति बनी रही।
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अस्पताल के सामने पुलिस की गाड़ी को मारना पड़ा धक्का
नागरिक अस्पताल के सामने प्रत्येक मानसून के सीजन में हालात बद्तर रहते हैं। इस बार भी यहां पर 3- 5 फीट तक पानी भर गया। इस दौरान यहां से गुजरने वाली एंबुलेंस तथा पुलिस की गाड़ी तक बंद हो गई। पुलिस की गाड़ी को तो लोगों ने धक्का मारकर अस्पताल के अंदर तक किया।
सर्कुलर रोड पर बाइक सवारों को झेलनी पड़ी परेशानी
शहर की धारुहेड़ा चुंगी पर भी जलभराव अधिक होने से दोपहिया वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। रविवार का दिन होने के चलते बाजार बंद थे, बाइक बंद होने के पर लोगों को पैदल की घर तक वाहनों को खींचना पड़ा।
पानी जरूर भरा था, नहीं आई कोई परेशानी: एमएस
नागरिक अस्पताल के एमएस डॉ. सर्वजीत थापर ने बताया कि पानी अस्पताल के अंदर तक भर गया था। पंप के माध्यम से पानी निकाला जा रहा है। गायनी वार्ड, एसएनसीयू व ब्लड बैंक पूरी तरह से ठीक हैं। बिजली गुल होने के बाद जनरेटर के माध्यम से व्यवस्था को दुरुस्त रखा गया।
1995 के बाद हुई इतनी बारिश : वर्मा
कृषि विभाग के अधिकारी नरेश वर्मा ने बताया कि एक दिन में सबसे ज्यादा बारिश की बात करें तो 1995 में हुई थी। अगस्त के माह में यह सर्वाधिक बारिश है। 2008 में जिला में तेज बारिश हुई थी, लेकिन एक दिन में इतनी बारिश दर्ज नहीं की गई।
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