फोटो : 15रेवाड़ी। गांव रामगढ़ भगवानपुर में धरने पर बैठे ग्रामीण। स्रोत: समिति
रेवाड़ी। रामगढ़ भगवानपुर गांव की पंचायत की जमीन पर 200 बेड का नागरिक अस्पताल बनवाने की मांग को लेकर ग्रामीणों का धरना वीरवार को 115वें दिन भी जारी रहा। धरने की अध्यक्षता राव रोशन लाल ने की।
ग्रामीणों का आरोप है कि स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने 12 जून को अचानक अन्य गांव की जमीन का प्रस्ताव मांगा जबकि केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह पहले ही भगवानपुर में अस्पताल बनाने का वादा कर चुके थे और फाइल चंडीगढ़ भेज दी गई थी। इस गुप्त फैसले से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।
रामगढ़ भगवानपुर अस्पताल बनाओ संघर्ष समिति के संयोजक व सरपंच प्रतिनिधि अनिल कुमार ने कहा कि उनके साथ धोखा किया गया है। उन्होंने बताया कि अस्पताल के लिए मुफ्त में जमीन देने का प्रस्ताव केंद्रीय मंत्री के कहने पर दिया गया था, लेकिन बाद में वादाखिलाफी की गई। धरने में रामगढ़ भगवानपुर के अलावा आसपास के दर्जनों गांवों के सैकड़ों ग्रामीण, महिलाएं और युवा शामिल हुए।
महिलाएं लोकगीतों के माध्यम से अपने आक्रोश का इजहार कर रही हैं। मंच संचालन हनुमंत उर्फ पिलानी ने किया। अनिल कुमार ने बताया कि कि जब तक सरकार रामगढ़ भगवानपुर की जमीन पर 200 बेड का नागरिक अस्पताल नहीं बनाती है, धरना जारी रहेगा।