फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शहरवासियों के लिए दर्द बनता जा रहा संपत्ति पहचान दस्तावेज

विज्ञापन
विज्ञापन
रेवाड़ी। शहर के एक लाख से अधिक लोग इन दिनों संपत्ति पहचान दस्तावेज के नाम का दर्द झेल रहे हैं। नगर के 31 वार्डों में ऐसे लोग मिल जाएंगे, जो इससे पीड़ित हैं। नगर परिषद के चक्कर लगाने के बाद वे नगर परिषद के सदस्यों और अधिकारियों से मिले। कुछ की समस्या हल हुई तो कुछ अभी भटक रहे हैं। यह समस्या केवल रेवाड़ी शहर की नहीं, अपितु बावल और धारूहेड़ा शहर की भी थी मगर वहां के लोगों ने इसे समझदारी से निपटा लिया। धारूहेड़ा और बावल शहर में सरकार की सर्वेक्षण कंपनी ने यह काम लगभग पूरा कर लिया, जबकि रेवाड़ी में अभी यह काम चल रहा है। कई जगह समाधान शिविरों में सर्वेक्षण कंपनी के कर्मचारियों से कहासुनी भी हुई और बात पुलिस तक भी पहुंची। नगर परिषद के सदस्यों के संज्ञान में यह मामला है। नगर परिषद के अधिकारी और चेयरर्सन पूनम यादव भी शहरवासियों के इस दर्द से अंजान नहीं। ऐसे में यह काम कहां तक पहुंचा, उसकी पड़ताल की है।
विज्ञापन

-----------------------
अब कहां तक पहुंचा यह काम
कुल संपत्तियां - रेवाड़ी शहर में - 64452, बावल शहर में 8551 और धारूहेड़ा में 18488
खाली प्लॉट - रेवाड़ी शहर में - 17186, बावल शहर में 2826 और धारूहेड़ा में 7043
----------------------------
नोटिस जारी हुए
रेवाड़ी में 42109, बावल में 5203 और धारूहेड़ा में 10545
--------------------------
एतराज आए व निपटाए एतराज का आंकड़ा
रेवाड़ी में 6078, जिनमें 6003 निपटाए
बावल में 646, जो सभी निपटा दिए गए
धारूहेड़ा में 863 एतराज जाए, 820 निपटाए।
---------------------------
अब तक नहीं बढ़ी कर जमा कराने की तिथि
निकाय विभाग ने रेवाड़ी नगर परिषद का बकाया जमा कराने की तिथि जो पहले 31 मार्च निर्धारित थी, वह आगे नहीं बढ़ी है। इस अवधि तक ब्याज में संपत्ति मालिकों को राहत दी गई थी।
------------------------
अब भी बन सकती हैं नई संपत्ति पहचान
- किसी भी नगर में नई संपत्ति पहचान अब भी बनवाई जा सकती है, जो कि जरूरी दस्तावेज लगाने के बाद ही बन पाएगी।
-------------------------
कहां कार्य अधूरा
शहर के प्रीत विहार, गणपत नगर, संघी का बास, सब्जी मंडी समेत काफी ऐसे रिहायशी इलाके हैं, जहां लोगों ने संपत्ति पहचान दस्तावेज के सूचना पत्रक को लेकर लेने से इनकार कर दिया। ऐसे में उन तक यह जानकारी तक नहीं पहुंची कि उनके नाम के पत्रक में दर्ज जानकारी सही है या गलत।
विज्ञापन

-------------------------
संपत्ति पहचान बनाने के नाम पर ठगी
- नगर में संपत्ति पहचान दस्तावेज बनाने के नाम पर ठगी भी हो रही है। जो दस्तावेज बनाने में केवल पांच मिनट का समय लगता है, उसके लिए पांच सौ से दो हजार रुपये तक वसूले जा रहे हैं। सर्वे कंपनी की नजरों में यह मामला है मगर कोई भी संपत्ति मालिक लिखित शिकायत नहीं कर रहा।
------------------------
रिश्वत मांगें तो करें शिकायत, लगे बोर्ड
नगर परिषद के कार्यालय के मुख्य द्वार के अलावा कई कार्यालयों में रिश्वत मांगने पर शिकायत करने के लिए लैंडलाइन, मोबाइल और विजिलेंस के नंबर बोर्ड पर अंकित हैं, मगर उसके बावजूद रिश्वत मांगने की शिकायतें विजिलेंस तक पहुंची हैं।
----------------------
वर्जन
सरकार ने हमारी कंपनी को जो जिम्मेदारी दी है, उसे हम निभा रहे हैं। संपत्ति पहचान दस्तावेज में गलती को दूर कराना संबंधित संपत्ति मालिक की जिम्मेदारी है। जिन लोगों के पास अभी तक ऐसे पत्र नहीं पहुंचे, उनके लिए पांच हजार से अधिक नोटिस पुन: छपवाए हैं। शहरवासियों को ऐसे पत्रकों में दर्ज विवरण सही कराना लेना चाहिए। ऐसे दस्तावेज बनाने के नाम पर अगर कोई व्यक्ति अधिक वसूलता है तो उसकी शिकायत कंपनी या पुलिस को दें तो जरूर कार्रवाई करेंगे।
विज्ञापन

- संजय तिवारी, अधिकृत सर्वेक्षण कंपनी
वर्जन
नगर में संपत्ति पहचान दस्तावेज का काम चल रहा है। हमारी पूरी कोशिश है कि लोगों की परेशानी दूर हो। लोगों को भी सहयोग करना चाहिए। जल्द समस्या दूर होगी।
- पूनम यादव, चेयरपर्सन नप रेवाड़ी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें