बावल। गांव नांगल तेजू के संजय हत्याकांड में पुलिस की तरफ से ठोस कार्रवाई न करने से ग्रामीणों में रोष है। वीरवार को गांव में पांच गांवों की पंचायत हुई। पंचायत में गांव नांगल तेजू, शाहपुर, शेखपुरा, जैतपुर, नांगल उगरा के लोगों ने हिस्सा लिया। इस दौरान एक कमेटी का गठन भी किया गया।
पंचायत की अध्यक्षता नागल तेजू निवासी भीम सिंह ने की बैठक में बताया गया कि करीब 3 महीने में हत्या के कारणों और आरोपियों का अभी तक पुलिस पता नहीं लगा पाई है। इस वजह से परिवार को न्याय नहीं मिल पा रहा है। इससे ग्रामीणों में भी रोष बढ़ता जा रहा है।
नंबरदार राम सिंह ने कहा कि ना तो हत्या के कारणों का पता लग पाया है और ना ही आरोपियों तक पुलिस पहुंच पाई है। इससे परिवार को न्याय तो मिलना दूर की बात है। ग्रामीणों ने बताया कि डीएसपी और एसपी से लेकर आईजी तक मामले को उठा चुके हैं। उसके बावजूद इस पर कोई भी संज्ञान नहीं लिया गया है। बैठक में आसपास गांव से आए हुए लोगों ने अपने सुझाव रखे। साथ ही सहमति बनी है कि मामले को हरियाणा के मुख्यमंत्री के संज्ञान में लाया जाना चाहिए। तभी कुछ हो सकता है। करीब 1 घंटे तक लोगों ने अपने सुझाव रखे।
15 सदस्यीय कमेटी गठित
बैठक में 5 गांव की 15 सदस्यीय कमेटी गठित की गई है। कमेटी में नंबरदार सोमदत्त, सरपंच अमित, बच्चू सिंह, सुबेसिंह, चरण सिंह, भीम सिंह, राम सिंह, ओमपाल, रतन सिंह, सुंदर, हरिसिंह, विजेंद्र, बबलू अजीत कृष्ण कुमार को शामिल किया गया है। पंचायत में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया है कि जल्द ही पुलिस अधीक्षक से मिला जाएगा और कमेटी की ओर से मुख्यमंत्री के नाम उपायुक्त को ज्ञापन भी दिया जाएगा।
परिजन बोले- कब न्याय मिलेगा
संजय की पत्नी कृपारानी ने बताया कि उसके दो बेटी और एक बेटा है। पति राजमिस्त्री का कार्य करके परिवार चलाता था। बेटियां शादी करने के लायक हो रही हैं। उसके पति की बेरहमी से हत्या कर दी गई है। अब उसके सामने बच्चों की शादी और परवरिश की जिम्मेदारी है। वह चाहती हैं कि आरोपियों को कठोर सजा मिले। तभी न्याय मिलेगा। मृतक की मां ने बताया कि जालिमों ने उसे बेरहमी से मार दिया। पुलिस हत्यारों का पता नहीं लगा सकी। न्याय कब मिलेगा।
6 अक्टूबर को अचानक घर से लापता हो गया था संजय
नांगल तेजू निवासी संजय छह अक्तूबर की रात को अचानक घर से लापता हो गया था। उसके घर नहीं लौटने पर रात को ही परिजनों ने उसकी तलाश शुरू कर दी थी। सुबह गांव के बस स्टैंड के पास उसका शव मिला था। मृतक का चेहरा बुरी तरह कुचला हुआ था। पुलिस ने सीन ऑफ क्राइम टीम को मौके पर बुलाकर शव का पोस्टमार्टम कराते हुए शव परिजनों को सौंप दिया। पुलिस संजय के हत्यारों का पता लगाने में अभी तक नाकाम साबित हुई। ग्रामीण चार बार पंचायत का आयोजन कर चुके हैं। मृतक की मां व पत्नी के साथ बड़ी संख्या में गांव की महिलाएं व पुरुष बीते माह एसपी से मिलने के लिए पहुंचे थे।