रेवाड़ी। औद्योगिक क्षेत्रों में पीएनजी की आपूर्ति 80 से घटाकर 55 प्रतिशत किए जाने से उद्योग संचालकों में भारी चिंता देखने को मिल रही है। खाड़ी देशों के मौजूदा हालातों की वजह से जिले के 600 से अधिक उद्योग प्रभावित हो रहे हैं। उद्योग संचालन में लगे सभी ग्राहकों को आईजीएल की तरफ से सूचना दी गई है कि गैस आपूर्ति में संशोधन किया गया है।
पहले ग्राहकों को 20 मार्च से उनके पिछले छह महीनों की औसत खपत के 65% तक गैस उपलब्ध कराने की जानकारी दी गई थी।
हालांकि अब अपस्ट्रीम आपूर्तिकर्ता से नवीनतम सूचना प्राप्त होने के बाद यह निर्णय लिया गया है कि 26 मार्च से औद्योगिक ग्राहकों को गैस की आपूर्ति उनके पिछले छह महीनों की औसत खपत के 55% तक सीमित कर दी जाएगी। यह कदम आईजीएल की ओर से स्थिति को कुशलतापूर्वक प्रबंधित करने और ग्राहकों को निर्धारित सीमा में आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।
किसी भी ग्राहक की ओर से निर्धारित सीमा से अधिक गैस खपत को अति-खपत माना जाएगा और इसका निपटारा बड़े गैस बिक्री समझौते के खंड 6.7 के अनुसार किया जाएगा।
पीएनजी आपूर्ति घटने से छंटनी का खतरा
रेवाड़ी चैंबर ऑफ कॉमर्स के प्रधान कृष्ण यादव ने बताया कि पहले जहां उन्हें 80 प्रतिशत तक गैस उपलब्ध हो जाती थी, वहीं अब 55 प्रतिशत पर काम चलाना बेहद मुश्किल हो गया है। 80 प्रतिशत आपूर्ति में किसी तरह उत्पादन जारी रखा जा सकता था लेकिन 55 प्रतिशत गैस में मशीनें पूरी क्षमता से चलाना संभव नहीं है। इससे 400 कंपनियों में उत्पादन प्रभावित होगा और कारोबार पर सीधा असर पड़ेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द आपूर्ति नहीं बढ़ाई गई तो कई इकाइयों को मजबूरी में अपने कर्मचारियों की छंटनी करनी पड़ सकती है। प्रवासी श्रमिकों को घरेलू उपयोग के लिए भी गैस उपलब्ध नहीं हो रही है।
मौजूदा हालात काफी चिंताजनक
दक्षिण हरियाणा लघु उद्योग भारती के संयोजक संजय डाटा ने बताया कि मौजूदा हालात काफी चिंताजनक हैं। एमएसएमई करीब 200 उद्योग संचालित होते हैं जिन्हें काफी समस्या हो रही है। यदि जल्द स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो कई इकाइयों को बंद करने या कर्मचारियों की छंटनी करने की नौबत आ सकती है। मांग है कि पीएनजी आपूर्ति बढ़ाकर उद्योगों को राहत दी जाए ताकि उत्पादन सामान्य हो सके और श्रमिकों का रोजगार सुरक्षित रह सके।
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हमारी ओर से आपूर्ति बराबर है। 55 प्रतिशत से ऊपर भी पीएनजी इस्तेमाल की जा सकती है। जो चार्ज होगा वो देना पड़ेगा। ये आदेश उद्योगों के लिए है, बाकियों के लिए नहीं है। आपूर्ति की कोई कमी नहीं है।
-दीपक कुमार, मैनेजर, आईजीएल रेवाड़ी।
कृष्ण यादव