रेवाड़ी के बावल औद्योगिक क्षेत्र में स्थित एक फैक्टरी में वीरवार रात एक मजदूर रोबोट मशीन से टकराने के बाद बॉयलर में गिर गया। बॉयलर में जिंदा जलकर उसकी दर्दनाक मौत हो गई। पुलिस ने श्रमिक के शव को कब्जे में लेकर बावल स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भेजा। पुलिस ने कंपनी प्रबंधन के खिलाफ लापरवाही का मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
मजदूर की पहचान लखीमपुर खीरी जिले के ईसानगर निवासी महिताब पुत्र आफताब के रूप में हुई है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। हादसे के बाद कंपनी में हड़कंप मच गया और कंपनी के अधिकारी जवाब देने से बचते नजर आए। पुलिस के मुताबिक जो जानकारी प्रत्यक्षदर्शियों ने दी है, उसके मुताबिक दुर्घटना मजदूर के फैक्टरी में लगे स्वचालित रोबोट की चपेट में आने से हुई है।
घटना के समय महिताब बॉयलर के पास खड़ा था। पीछे से रोबोट आया और वह युवक से टकरा गया। रोबोट से टकराने के बाद महिताब बॉयलर में जा गिरा, जिससे वह बुरी तरह झुलस गया। जानकारी मिली है कि कंपनी में सात ऑटोमेटिक रोबोट व एल्युमिनियम गलाने की 10 भट्टियां संचालित हैं।
बावल औद्योगिक क्षेत्र के सेक्टर-5 स्थित इस फैक्टरी में महिताब के काम करने का वीरवार को दूसरा दिन था। वह नाइट शिफ्ट में कार्य कर रहा था। रात को कार्य करते समय अचानक रोबेट की टक्कर लगने से बॉयलर में जा गिरा। आसपास के श्रमिकों ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन उसे बचा नहीं पाए। इसी दौरान किसी ने पुलिस को सूचना दे दी। सूचना के बाद कसौला थाना पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने कंपनी के अंदर प्रवेश किया। पुलिस ने श्रमिक के शव को बरामद कर कब्जे में लेकर बावल स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भेज दिया।
ठेकेदार के माध्यम से काम करता था महिताब
हादसे का शिकार हुआ मजदूर महिताब कंपनी में ठेकेदार के माध्यम से कार्य करता था। वीरवार रात को कंपनी में उसे दूसरा दिन था। वह अकुशल श्रमिक था, इसके बावजूद उसे बॉयलर के पास या फिर भारी कार्य पर लगाया गया। श्रमिक संगठनों में घटना को लेकर काफी रोष है। संगठनों ने कंपनी प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। वह ठेकेदार के माध्यम से काम पर आया था।
इससे पूर्व भी हो चुके हादसे
बावल औद्योगिक क्षेत्र में इससे पूर्व भी फैक्टरियों में अनेक हादसे हो चुके हैं,जिनमें पांच से अधिक श्रमिकों की मौत हो चुकी है। हर मामलों में कंपनी प्रबंधन की लापरवाही ही सामने आई है, लेकिन इन हादसों को रोकने के प्रति न तो कंपनी प्रबंधन गंभीरता से लेकर रहा है और न ही श्रम विभाग ही कोई कार्रवाई कर रहा है।
ये हो चुके हादसे
- वर्ष 2015 में बावल में एक कंपनी में आग लगने से दो श्रमिक जिंदा जले
- वर्ष 2016 में बावल के सेक्टर 6 की कंपनी में बाॅयलर फटने से श्रमिक की मौत
- 18 दिसंबर वर्ष 2017 में कंपनी में बिजली की चपेट में आने से एक श्रमिक की मौत हुई।
- 15 मई 2018 को धारूहेड़ा की एक कंपनी में कार्य करते समय एक श्रमिक की मौत।
- 14 मई 2023 को कंपनी में कार्य करते समय सिर पर भारी सामान गिरने से श्रमिक की मौत।