संवाद न्यूज एजेंसी
कोसली। नाहड़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकों की कमी से ओपीडी सेवा प्रभावित हो रही है। महिला डॉक्टर नहीं होने से गर्भवती महिलाओं को परेशानी होती है।
सीएचसी में एसएमओ के अलावा सात मेडिकल ऑफिसर के पद स्वीकृत हैं, लेकिन वर्तमान में केवल दो डॉक्टर डॉ. मनीष कुमार और डॉ. योगेंद्र ही कार्यरत हैं। डॉ. मनीष कुमार एसएमओ का अतिरिक्त कार्यभार संभाल रहे हैं। उन्हें ओपीडी के अलावा प्रशासनिक कार्यों, विभागीय बैठकों और कोर्ट केस का भी कार्य देखना पड़ता है। इसकी वजह से ओपीडी सेवा बाधित हो रही है। कुछ दिन पहले डॉ. पंकज, डॉ. सचिन और डॉ. पराग को पीजी के लिए रिलीव किया गया था। एक साल पहले डॉ. वैष्णवी और डॉ. प्रीति यादव को पीजी के लिए रिलीव किया गया था। एलएमओ के अभाव में गर्भवती महिलाओं को मेडिकल ऑफिसर से ही सलाह लेनी पड़ रही है।
सीएचसी नाहड़ के अधीन 24 गांव आते हैं। यहां एसएमओ, मेडिकल ऑफिसर, एलएमओ के साथ फार्मासिस्ट, टेक्नीशियन और अन्य स्टाफ की कमी बनी हुई है। यहां एसएमओ का पद पांच साल से खाली है। महिला डॉक्टर का पद एक साल से रिक्त है। यहां महीने में तीन दिन एएनसी डे पर महिलाओं की जांच होती है, लेकिन एलएमओ नहीं होने से खानापूर्ति की जाती है। सब-सेंटरों से सीएचओ बुलाकर जांच करवाई जाती है या मेडिकल ऑफिसर ही सलाह देते हैं।
सीएचसी में डिजिटल एक्स-रे, सीबीसी मशीन, शुगर, बीपी, टाइफाइड, एचआईवी, पेशाब, हीमोग्लोबिन, ऑक्सीजन सिलिंडर, ईसीजी और डिलीवरी की सुविधाएं उपलब्ध हैं। यहां रोजाना 100 से 125 मरीज ओपीडी में आते हैं।
महिला डाक्टर की तैनाती की मांग
गांव नाहड़ के सरपंच एवं सरपंच एसोसिएशन के अध्यक्ष महेंद्र सिंह ने कहा कि सीएचसी में एसएमओ, एमओ, स्त्री रोग विशेषज्ञ और चाइल्ड स्पेशलिस्ट की सख्त जरूरत है। यहां ओटी भी शुरू होनी चाहिए। बायोकेमिकल एनालाइजर की भी आवश्यकता है। इसके लिए स्वास्थ्य मंत्री से भी मांग कि जा चुकी है।
वर्जन
तीन मेडिकल ऑफिसर को पीजी के लिए रिलीव किया गया है। दो एलएमओ को पहले ही पीजी के लिए भेजा जा चुका है। वर्तमान में दो डॉक्टर ही कार्यरत हैं। उच्च अधिकारियों को स्थिति से अवगत करा दिया गया है। जल्द समाधान की उम्मीद है।- डॉ. मनीष कुमार, इंचार्ज, नाहड़ सीएचसी