रेवाड़ी। ततारपुर-इस्तमुरार राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में चल रहे समर कैंप का समापन पारंपरिक खेलों के साथ किया गया। कैंप के अंतिम दिन विद्यार्थियों ने विभिन्न गतिविधियों में भाग लेकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
बच्चों ने खो-खो, लंगड़ी, सितोलिया सहित अनेक पारंपरिक भारतीय खेलों में बढ़-चढ़कर भाग लिया। इन खेलों के माध्यम से विद्यार्थियों को शारीरिक फिटनेस, टीम भावना, अनुशासन और आपसी सहयोग का महत्व समझाया गया।
कैंप में भाग लेने वाले सभी विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। विभिन्न प्रतियोगिताओं और गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों को प्रोत्साहन पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
विद्यालय के प्रधानाचार्य विनोद मेहता ने कहा कि सात दिनों तक चली गतिविधियों के माध्यम से बच्चों में भाषा, इतिहास, भूगोल, संस्कृति और सामाजिक मूल्यों के प्रति रुचि विकसित हुई है।
उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति के अनुरूप बच्चों को अनुभवात्मक और गतिविधि आधारित शिक्षा से जोड़ने का यह एक प्रभावी प्रयास है। कैंप के दौरान विद्यार्थियों ने न केवल नई भाषाओं के शब्द और अभिव्यक्तियां सीखीं, बल्कि विभिन्न राज्यों की सांस्कृतिक परंपराओं और जीवनशैली की भी जानकारी प्राप्त की।
कार्यक्रम का समापन समूह फोटो सत्र और धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। नरेंद्र सिंह, भूपेंद्र सिंह (कैंप प्रभारी), प्रवक्ता पूनम और राजकुमार मौजूद रहे।