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Rewari: युवा पर्वतारोही नरेंद्र ने 6 दिन में फतह किया एवरेस्ट, बनाया विश्व रिकॉर्ड

Thu, 28 Jul 2022 12:37 PM IST
निवेदिता वर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी

सार

माउंट एवरेस्ट को फतह कर नरेंद्र ने राष्ट्रीय गीत गाकर आजादी का अमृत महोत्सव मनाया। पर्वतारोही नरेन्द्र ने अपने इस अभियान को रेजांगला के शहीदों को समर्पित किया।
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पर्वतारोही नरेंद्र - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।
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विस्तार
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हरियाणा के रेवाड़ी जिले के कोसली कस्बे के नेहरूगढ़ निवासी पर्वतारोही नरेंद्र सिंह ने 6 दिन में एवरेस्ट फतह कर विश्व रिकॉर्ड बनाया है। वर्ल्ड रिकॉर्ड के मुख्यालय से पर्वतारोही को विश्व रिकॉर्ड बनाने का प्रणामपत्र भी मिल गया है। नरेंद्र ने अपने इस एवरेस्ट अभियान का नाम (आजादी का अमृत महोत्सव फास्टेस्ट एवरेस्ट अभियान-2022) रखा है। चोटी पर माउंट एवरेस्ट की चोटी पर उन्होंने राष्ट्रगीत गाकर आजादी का अमृत महोत्सव भी मनाया। पर्वतारोही ने अपने इस अभियान को रेजांगला युद्ध के शहीदों को समर्पित किया है।

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नरेंद्र ने फोन से बताया कि उन्होंने 22 मई की रात एक बजे माउंट एवरेस्ट पर चढ़ाई शुरू की थी। इसके बाद वे 27 मई को सुबह 5 बजे ऊंची चोटी पर तिरंगा फहराया था। उन्होंने यह अभियान दक्षिण (नेपाल) के रास्ते से फतह किया गया। नेपाल सरकार की तरफ से एक प्रमाणपत्र भी दिया गया है। नरेंद्र ने पहले भी इस चोटी को वर्ष 2016 में फतह किया हुआ है। 

अगला लक्ष्य उत्तरी अमेरिका की सबसे ऊंची चोटी देनाली को फतह करना 
नरेंद्र ने बताया कि अब अगला लक्ष्य उत्तरी अमेरिका की सबसे ऊंची चोटी देनाली है। अंटार्कटिका की सबसे ऊंची चोटी विंसन है, जिसके लिए तैयारी में लगा हुआ हूं। उत्तरी अमेरिका की सबसे ऊंची चोटी देनाली को भी जून में पूरा करने का समय निर्धारित हुआ है।
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सात महाद्वीपों पर फतह करने का सपना
आर्मी जवान कृष्णचंद के पुत्र का सपना दुनिया के सभी सात महाद्वीपों की ऊंची चोटियों पर फतह कर विश्व रिकॉर्ड बनाना है। नरेंद्र ने अब तक 5 महाद्वीप की सबसे ऊंची चोटियों को फतह किया है। इसमें माउंट एवरेस्ट, किलिमंजारो को दो बार, एलब्रुस को ट्रैवल्स में, कोजास्को व ऑस्ट्रेलिया की 10 सबसे ऊंची चोटियों को फतह किया है। इसके साथ दक्षिण अमेरिका की सबसे ऊंची चोटी एकंकागुआ को फतह किया है। अब तक पर्वतारोहण के क्षेत्र में 17 विश्व रिकॉर्ड स्थापित किए हैं। नरेन्द्र 14 अन्य पर्वत शृंखलाओं पर आरोहण कर देश का नाम रोशन कर चुके हैं। 

12 साल की उम्र में ही कर दी थी पर्वतारोहण की शुरूआत
अपनी स्कूली पढ़ाई के दौरान 12 साल की उम्र में ही नरेंद्र ने जम्मू कश्मीर की पहाड़ियों पर चढ़कर अपने पर्वतारोहण की प्रारंभिक शुरूआत कर दी थी। वर्ष 2008 से इन्होंने नियमित तौर से पर्वतारोहण का अभ्यास शुरू कर दिया था। उसके बाद महज 19 वर्ष की आयु में 6512 मीटर ऊंची भागीरथी-टू व 5612 मीटर ऊंची डीकेडी-टू के साथ कालिंदी पास व वासुकी तालपास, लेह, गढ़वाल चोटी को फतह करके सबसे कम उम्र का पर्वतारोही साबित हुआ था। इसके साथ विश्व की सभी वर्ल्ड रिकॉर्ड संस्थाओं ने इनको वर्ल्ड किंग का सम्मान दिया है। पिछले वर्ष नरेंद्र को लॉस एंजिलिस डेवलपमेंट इंस्टिट्यूट, लॉस एंजिलिस ( यूनाइटेड स्टेट्स) की तरफ से डॉक्टर ऑफ मोटिवेशन की उपाधि से नवाजा गया।

472 किमी. साइकिल यात्रा कर दिया स्वच्छता का संदेश 
पर्वतारोही नरेन्द्र ने 15 अगस्त 21 को यूरोप की एलब्रूश, साउथ अफ्रीका की किलिमांजारो पर विश्व रिकार्ड बनाते हुए राष्ट्रीय गीत गाकर किया तथा तिरंगा लहराया। उन्होंने प्रत्येक पर्वत शृंखला पर तिरंगा लहराकर देश की शान बढ़ाई। नरेन्द्र ने गुरुग्राम से जयपुर तक 32 घंटो में 472 किमी. साइकिल यात्रा कर स्वच्छता का संदेश दिया।

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