रेवाड़ी। शहर के प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के दिल्ली रोड स्थित दिव्य दर्शन केंद्र की ओर से पंजाबी धर्मशाला में 86वीं त्रिमूर्ति शिव जयंती महोत्सव आयोजित किया गया। कार्यक्रम में दंत चिकित्सक चेष्टा यादव ने कहा कि डॉक्टर केवल उपचार कर तन के रोग मिटा सकते हैं, परंतु मन के रोग मिटाने के लिए ध्यान (मेडिटेशन) जरूरी है।
इस मौके पर बीके शालू ने बताया कि यह संस्था 1936 से भारत के अलावा 140 देशों और 8000 से अधिक सेवा केंद्रों के साथ काम कर रही है। इनमें 9000 से अधिक कार्यकर्ता हैं। वहीं, कोसली से आई बीके निर्मला ने कहा कि शिव का अर्थ परोपकार, कल्याणकारी है, जबकि रात्रि का अर्थ अज्ञानता है। आशीष गुप्ता, जनरल मैनेजर, सी.एस.सी (अशोक लेलैंड एवं बजाज ऑटो), पूर्व नगर प्रधान सरोज भारद्वाज, इस संस्था को नैतिक मूल्यों के आधार पर विश्व को ज्ञान देने वाली बताया। रेवाड़ी सेवा केंद्र की प्रभारी बीके कमलेश, बीके दयानंद ने विचार रखे। दो नाटकों के माध्यम से पांच विकारों से मुक्ति पर अपनी बात रखी। बीके रेनू, बीके एकता, बीके बृजेश, नप उपाध्यक्ष श्याम सुंदर चुग, पार्षद लोकेश यादव, वार्ड 5 से विवेक ढींगड़ा संयोजक सांसद निधि कोष ने विचार रखे। बीके कमल ने मंच संचालन किया। कार्यक्रम में पांच सौ से अधिक ब्रह्म साधक शामिल हुए।