मेरा नाम विकास कुमार है और मैं हिसार जिले के गांव बरवाला निवासी हूं। मेरे पापा अजमेर सिंह गांव के समीप शहर में कपड़ों की रेहड़ी लगाते हैं। पापा प्रति माह 7 से 8 हजार रुपये कमा पाते हैं। मैं गरीब परिवार का बेटा होने की वजह से बचपन से ही सरकारी स्कूल में पढ़ा था, लेकिन सुपर-100 में शामिल होने के बाद मुझे कभी महसूस नहीं हुआ कि गरीबी की वजह से सफलता नहीं मिलती। जब पहली बार मेरे पापा ने सुना कि जेईई मेन में 99.08 पर्सेंटाइल आया है तो वह अपने अंदर फूला नहीं समाए। उस दौरान उनकी खुशी का ठिकाना न था। मैं नए छात्रों को संदेश दूंगा कि सफलता अमीर होने से नहीं, बल्कि संघर्ष करने से मिलती है।
पिता का हो चुका देहांत, बेटे ने 97.07 पर्सेंटाइल हासिल किया
मेरा नाम अजय कुमार है। मैं जींद के गांव काकड़ाद का रहने वाला हूं। जेईई मेन में मेरी 97.07 पर्सेंटाइल आया है और मैं एक कंप्यूटर इंजीनियर बनना चाहता हूं। बहुत छोटा था, तभी पापा लाजपत राम का देहांत हो गया था। मां ने ही मुझे पाला है। दोस्त ने बताया था कि विकल्प फाउंडेशन निशुल्क व सर्वोत्तम शिक्षा उपलब्ध करवाता है। आवेदन किया तो परीक्षा में पास हो गया। यहां अन्य स्कूलों की अपेक्षा काफी सुविधाएं मिलती हैं। सबसे अच्छा है गरीब परिवारों के बच्चे भी यहां शिक्षा हासिल कर सकते हैं। मैं छात्रों को यही संदेश देना चाहूंगा कि मन लगाकर पढ़ें, सफलता जरूर मिलेगी।
मेरा नाम महक है और मैं जींद के गांव चूरपुर की रहने वाली हूं। जेईई मेन में 96.5 पर्सेंटाइल आया है। मेरे पापा का नाम राजकरण है, जोकि एक मील प्लांट में लेबर का काम करते हैं। उन्होंने मेरे लिए बहुत ही संघर्ष किया है। उनका सपना है कि मैं इंजीनियर बनूं और मेरा सपना है पापा के ख्वाब को पूरा कर दिखाना। मैं गांव के सरकारी स्कूल में पढ़ाई करती थी, लेकिन विकल्प फाउंडेशन ने मुझे अपने सपनों को पूरा करने का मौका दिया। मैं नए विद्यार्थियों से यही कहना चाहती हूं कि पढ़ाई जिंदगी की सबसे बड़ी तपस्या है। आप बस संघर्ष करो, सफलता आपके कदम चूंमेगी।
पिता सरकारी स्कूल में शिक्षक, बेटे ने 97.98 पर्सेंटाइल हासिल किया
मैं आदित्य मोहन रोहतक के गांव महम का रहने वाला हूं। जेईई मेन में 97.98 पर्सेंटाइल आया है। मेरे पापा विरेंद्र मोहन एक सरकारी स्कूल में शिक्षक हैं। विकल्प फाउंडेशन मेरी जिंदगी में काफी बदलाव लेकर आया है। यहां हमेशा आपके साथ शिक्षक होता है। आप जब मर्जी शिक्षक से सवाल कर सकते हैं। मैं छात्रों को संदेश दूंगा कि जिंदगी में पढ़ाई ही सबसे बड़ा लक्ष्य होना चाहिए।