गांव झाल निवासी 51 वर्षीय सूबेदार मेजर अशोक कुमार दो दिन पूर्व ही घर पर छुट्टी लेकर आए थे। बीती रात उनके सीने में दर्द होने पर अस्पताल ले जाया गया जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। उनका वीरवार को गांव के शमशान घाट में राजकीय सम्मान के साथ दाह संस्कार किया गया। इस मौके पर सेना की टुकड़ी ने सलामी दी और बिगुल वादक ने मातमी धुन बजाई।
इस अवसर पर जिला सैनिक बोर्ड से सिकंदर व रोशन लाल ने दिवंगत सैनिक के पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर अंतिम सलामी दी। वहीं प्रशासन की तरफ से नाहड़ के गिरदावर विजय सिंह ने सूबेदार मेजर अशोक कुमार को अंतिम सलामी दी। इसके अलावा गांव के सरपंच दुष्यंत, डॉ. अमित कुमार, अमित अमन सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने गांव के सेना जवान के अंतिम संस्कार में भाग लिया। सूबेदार मेजर अपने पीछे पत्नी अनीता के अलावा बेटी किरण व बेटा मोहित को छोड़ गया। मातम होली पर्व पर गांव से अचानक सैनिक की मोत हो जाने से गांव में सन्नाटा छाया हुआ है।