संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। रेवाड़ी जिले में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम यानी छोटे और मध्यम स्तर के व्यवसाय (एमएसएमई) एवं छोटे उद्यमियों को बढ़ावा देने के लिए जिले के जाटूसाना, नाहड़ व खोल खंड को एनओसी फ्री जोन घोषित कर दिया गया है। इन क्षेत्रों में उद्योग लगाने के लिए अब सीएलयू लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे न केवल छोटे उद्योगों को स्थापित करने में आसानी होगी बल्कि स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे। तीनों खंडों में पांच लाख से अधिक की आबादी है।
जिले में बावल व धारूहेड़ा औद्योगिक क्षेत्र है, लेकिन स्थानीय युवाओं को आरोप है कि उद्योगों में उन्हें प्राथमिकता देने की बजाय बाहरी युवाओं को ज्यादा तवज्जो दी जाती है। हालांकि सरकार के नियम के मुताबिक स्थानीय युवाओं को रोजगार देना जरूरी है। इसके बावजूद बेराेजगारी के कारण स्थानीय युवाओं को रोजगार के लिए जिले से बाहर जाना पड़ रहा है। ऐसे में सरकार ने कोसली क्षेत्र को उद्योग हब बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। यहीं कारण है कि जिले के नाहड़, जाटूसाना व खोल खंड को एनओसी फ्री कर दिया है। अब छोटे व मध्यम उद्योग लगाने के लिए किसी उद्यगी को किसी तरह की एनओसी लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
ढाई सौ से अधिक उद्यमी कर चुके आवेदन
एमएसएमई के तहत उद्योग लगाने के लिए सबसे पहले पोर्टल पर आवेदन करना पड़ता है। जानकारी के मुताबिक क्षेत्र में छोटे व मध्यम उद्योग लगाने के लिए ढाई सौ से अधिक उद्यमियों ने आवेदन किया है। हालांकि अभी प्रक्रिया जारी है। इसके दायरे में आने वाले उद्योगों को वर्करों को ईपीएफ व ईएसआई की सुविधा देनी होगी। वहीं, 75 प्रतिशत लोकल लोगों को रोजगार देना होगा।
कृषि से लेकर ऑटो-मोबाइल के इंडस्ट्री लगा सकेंगे युवा
कोसली क्षेत्र कृषि आधारित क्षेत्र है। ऐसे में यहां कृषि आधारित उद्योग लगाए जाने की संभावना ज्यादा है। इसके साथ ही ऑटो मोबाइल इंडस्ट्री के तहत भी उद्योग लगाए जा सकते हैं। बताया जा रहा है कि उद्योगों के लिए आवेदन करने वालों ने ऑटो पार्ट्स से संबंधित उद्यम ज्यादा शामिल है।
कोसली क्षेत्र में बिजली-पानी की सुविधा है, लेकिन रोजगार के लिए यहां के युवाओं को इधर-उधर भटकना पड़ता है। ऐसे में कई बार विधानसभा में एमएसएमई के तहत कोसली क्षेत्र में उद्योग लगाने वालों को एनओसी फ्री करने का मुद्दा उठाया था। इससे यहां न केवल उद्योग विकसित होंगे बल्कि स्थानीय युवाओं को रोजगार भी मिलेगा।
-लक्ष्मण यादव, विधायक कोसली।
इन क्षेत्रों में एमएसएमई के तहत उद्योग लगाने के लिए सीएलयू की जरूरत नहीं है। इससे यहां उद्योग विकसित होंगे। इसके अलावा सरकार की ओर से दी जाने वाले अन्य सुविधाएं भी मुहैया कराई जाएगी।
-दीपक वर्मा, ज्वाइंट डायरेक्टर, एमएसएमई (इंडस्ट्री) रेवाड़ी।