फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शहर के 100 स्कूल व अस्पतालों ने नहीं जमा कराया संपत्ति कर, अब सीलबंदी की तैयारी

विज्ञापन
नगर परिषद रेवाड़ी। - फोटो : Rewari
विज्ञापन
शहर के 100 से अधिक निजी स्कूल व अस्पताल संचालकों पर दो करोड़ रुपये से ज्यादा का संपत्ति कर पिछले 10 साल से बकाया नहीं कराया। अब ऐसे बकाएदारों को नगर परिषद ने नोटिस भेज कर टैक्स जमा करने को कहा है। परिषद अधिकारियों का कहना है कि संपत्ति कर न जमा करने पर ऐसे व्यवसायिक भवनों को सील किया जाएगा।
विज्ञापन

नगर परिषद के मुताबिक शहर में कुल 51 हजार प्रापर्टी पंजीकृत हैं। इसमें करीब 40 हजार घर हैं, वहीं 1100 व्यवसायिक दुकान व भवन हैं। नगर परिषद ने शहर में संपत्ति कर जमा कराने के लिए 31 जनवरी की अंतिम तिथि घोषित की थी। 31 जनवरी से पहले नगर परिषद में 2.5 करोड़ रुपये जमा हुए। इनमें से 80 प्रतिशत शहर के 31 वार्ड में रहने वाले लोग हैं। बीते वित्त वर्ष 19-20 की बात करें तो शहरवासियों की ओर से पांच करोड़ रुपये संपत्ति कर नप के खाते में जमा कराया गया था। टैक्स नहीं भरने वालों में बड़े भवन मालिक शामिल हैं। इनमें अधिकतर स्कूल, अस्पताल व बैंक्वेट हॉल आदि हैं।
10 साल से चल रहा है बकाया
नप से मिली जानकारी कुछ लोगों की ओर से लगातार घरेलू टैक्स जमा कराया जाता रहा है। लेकिन एक बड़े वर्ग पर 10 साल से संपत्ति कर बकाया था। बीते दो साल की बात करें तो करीब 7 करोड़ रुपये शहरवासियों की ओर से जमा कराए गए हैं। लेकिन इसमें भी कुछ ऐसे लोग शामिल हैं, जिनको टैक्स भरने के बाद भी ब्याज लगाकर टैक्स भेज दिया गया। इसका विरोध किया गया तो नप की ओर ब्याज माफ कर मूल राशि भरने की रियायत दी गई थी।
विज्ञापन

सेक्टर व नप के बीच भी फंसा पेंच
आरडब्ल्यूए सेक्टर-4 सचिव एडवोकेट अनिल यादव ने बताया कि वर्ष 2016 में शहर के तीन सेक्टर हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की ओर से नगर परिषद को हस्तांतरित किए गए थे। ऐसे में प्रोपर्टी टैक्स भी 16 से 20 तक कुल चार सालों का ही लिया जाना चाहिए था। लेकिन नप अधिकारियों ने मनमर्जी से 10 साल का संपत्ति कर बकाया के पत्र भेज दिए। यादव ने कहा कि संपत्ति कर की इस तरह से गणना कतई गलत है।
ऑनलाइन की सुविधा करने से लाइन से मिला छुटकारा
संपत्ति कर जमा कराने के लिए नगर परिषद की साइट http://mcrewari.org/municipal-counsellors.php पर टैक्स जमा करने की सुविधा इसी साल शुरू की गई थी, इसका लाभ मिला और लोगों ने ढ़ाई करोड़ से अधिक का बकाया जमा कराया। बीते साल नप कार्यालय में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा था। अब शहर के लोग नप की साइट पर जाकर प्रोपर्टी आईडी डालकर अपना बकाया राशि की जांच कर रुपये जमा करा सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें