रेवाड़ी। हवा की गुणवत्ता में सुधार के चलते ग्रैप-वन की पाबंदियां हटा दी गई हैं। इससे डीजल जनरेटर पर लगी पाबंदी खत्म हो गई है। अब होटल-रेस्टोरेंट में कोयला या लकड़ी के इस्तेमाल की छूट के साथ कामर्शियल वाहनों की आवाजाही आसान हो सकती है। निर्माण और लॉजिस्टिक्स गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल सकता है।
कमिशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट के अनुसार एयर क्वालिटी में सुधार के चलते यह फैसला लिया गया है। मंगलवार को एक्यूआई 114 दर्ज किया गया था जबकि सोमवार का एक्यूआई 74 था। पाबंदियां हटने से सबसे ज्यादा राहत ट्रांसपोर्ट और ऑटो सेक्टर को मिली है।
ग्रैप-1 की पाबंदियां 14 अक्तूबर 2025 को लागू हुई थीं। ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लानदिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण की गंभीर स्थिति से निपटने के लिए बनाया गया एक आपातकालीन रोडमैप है। इसे वायु गुणवत्ता सूचकांक के विभिन्न स्तरों के आधार पर चरणों में लागू किया गया था।
जैसे-जैसे प्रदूषण बढ़ता है, सरकार की पाबंदियां सख्त होती जाती हैं। फिर ग्रैप को एक्यूआई के आधार पर लागू किया जाता है। प्रदूषण के स्तर को मापने और उस पर कार्रवाई करने के लिए इसके चार चरण बनाए गए हैं।
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ग्रैप चार चरणों में-एक्यूआई के स्तर
ग्रैप -1 (खराब): एक्यूआई 201 से 300 के बीच होने पर।
ग्रैप -2 (बहुत खराब): एक्यूआई 301 से 400 के बीच होने पर।
ग्रैप -3 (गंभीर): एक्यूआई 401 से 500 के बीच होने पर।
ग्रैप -4 (अति गंभीर): एक्यूआई 450 से ज्यादा होने पर।
पिछले दिनों का एक्यूआई:
दिन : एक्यूआई
17 मार्च : 114
16 मार्च : 74
15 मार्च : 170
14 मार्च : 97
13मार्च : 159
12मार्च 115
11 मार्च : 172
10 मार्च : 225