रेवाड़ी। जिले में बुधवार को दिन भर हुई बारिश ने वातावरण में ठंडी बढ़ा दी है। इस दौरान अधिकतम तापमान में 9.4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। कृषि वैज्ञानियों ने बारिश और ठंड फसलों के लिए फायदेमंद बताया है। कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. जोगेंद्र सिंह के अनुसार बारिश से रबी के फसलों गेहूं व सरसों को कोई नुकसान नहीं है, जबकि यदि अधिक तेज बारिश होती है तो सब्जियों को अधिक नुकसान होगा। वहीं, कृषि विज्ञान केंद्र बावले क्षेत्रीय निदेशक डॉ. धर्मबीर ने बताया कि बूंदाबांदी के चलते बुधवार को अधिकतम तापमान में 9.4 डिग्री की गिरावट आई है। इससे ठंड बढ़ी है। बुधवार को अधिकतम तापमान 15.0 व न्यूनतम तापमान 10.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं मंगलवार को अधिकतम तापमान 24.4 और न्यूनतम तापमान 6.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।
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9 जनवरी तक बारिश की संभावना
चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार के बावल स्थित क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. प्रमोद यादव के अनुसार नौ जनवरी तक अच्छी बारिश की संभावना है। बारिश से गेहूं, सरसों, मटर, दलहन और सब्जियों की अन्य फसलों को फायदा होगा। सरसों में फलियां आ चुकी हैं तथा दाने तैयार हो रहे हैं। ऐसे में नव सृजित दानों में बारिश की खुराक मिलने से जल्द विकास होगा। गेहूं में भी बालियां निकलने लगी हैं। बारिश से बालियों में दाने बनने में मदद मिलेगी। रुक रुककर हो रही बूंदाबांदी से जमीन की सतह पर पानी पहुंचेगा। इससे जहां खारे पानी का नमक जमा है वह भी पौधों की जड़ों में चला जाएगा। इससे फसलों के विकास में फायदा होने के साथ पाले के कारण मुरझाए पौधों को अच्छी खुराक मिलेगी।
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पिछले एक सप्ताह से ठंड पड़नी शुरू हुई है। यह गेहूं और सरसों दोनों फसलों के लिए काफी लाभदायक है। रबी की फसलों के लिए ठंड की जरूरत होती है। बिना ठंड के ये फसलें बेकार हो जाती हैं। जितनी ठंड बढ़ेगी उतनी ही अच्छी पैदावार होगी।
धमेंद्र कुमार, लुहाना।
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गेहूं फसल को अच्छे फुटाव व बढ़ाव के लिए कम तापमान व ठंडा मौसम अनुकूल रहता है। गेहूं फसल पर पाले व शीतलहर का कोई दुष्प्रभाव नहीं पड़ता। अत: अब ठंड बढ़ने से गेहू आदि फसलों में ज्यादा वृद्धि व फुटाव से इनकी पैदावार में बढ़ोतरी की उम्मीद जगी है। सरसों फसल में भी ठंडे मौसम में सखाएं, फूल व फलियां अधिक बनने से इनकी उपज भी बढ़ेगी।
राकेश यादव, जैनाबाद।
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गेंहू व सरसों में ठंड एक खुराक की तरह है। शीतलहर से फसलों पर कोई नुकसान नहीं होगा। ओलावृष्टि नहीं होती है तो किसानों की चांदी हो जाएगी। बारिश में फसलों के लिए सोने पे सुहागा है। उम्मीद है इस बार फसलों की पैदावार अच्छी होगी। किसानों की मेहनत का फल जरूर मिलेगा।
राजेंद्र, श्यामनगर
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ओलावृष्टि का डर लगा रहता है। हालांकि बारिश लगातार होती है तो फसलों को कोई नुकसान नहीं है। प्राकृतिक आपदा नहीं आती है तो इस बार फसलें हमारे लिए सोने से कम नहीं हैं। किसान दिनरात मेहनत कर फसलों की अच्छी पैदावार उम्मीद करता है, लेकिन इस बार इंद्रदेव मेहरबान साबित हो रहे हैं।
रमेश, भालखी
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ठंड सरसों और गेहूं के लिए अनुकूल है। सब्जियों की फसल को ठंड से बचाव के लिए लगातार सिंचाई करनी जरूरी है। अगर लगातार सुबह के समय कई दिनों तक पाला जमता है तो सरसों की फलियों में पूरी तरह दाने नहीं बन पाएंगे। ओलावृष्टि नहीं होती है तो बारिश फसलों के लिए सोने पे सुहागा साबित होगी।
-डॉ. जोगेंद्र सिंह, कृषि वैज्ञानिक।
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जिले में तापमान की स्थिति
तारीख उच्चतम न्यूनतम
1 जनवरी 18.5 2.0
2 जनवरी 19.6 4.0
3 जनवरी 21.5 3.8
4 जनवरी 24.4 6.0
5 जनवरी 15.0 10.2