रेवाड़ी। कोरोना काल ने हर किसी को झकझोर दिया था, ऐसे में चिकित्सकों ने अपने परिवार से दूरी बनाकर मरीजों की सेवा करने को प्राथमिकता दी। 12-14 घंटे ड्यूटी की। पर्सनल प्रोटेक्शन ईक्यूपमेंट (पीपीई) किट पहनकर गर्मी से बेहाल हुए, लेकिन मरीजों की जान बचाना ही उनकी प्राथमिकता रही। खुद संक्रमित हुए, लेकिन घर से ही व्यवस्था बनाने में जुटे रहे। वहीं स्वयंसेवी संस्थाओं ने जिला प्रशासन का सहयोग करते हुए अपने परिवार की चिंता छोड़कर जरूरतमंदों को भोजन बांटा और ऑक्सीजन के लिए घर-घर सिलिंडर की व्यवस्था कराई। अमर उजाला से बातचीत में कोरोना योद्धाओं ने अपनी भागीदार को साझा किया।
बच्चों से अलग रहने की चुनौती थी
कोरोना काल के दौरान मरीजों की जांच करने के दौरान नहीं पता होता था कि कौन संक्रमित है कौन नहीं। ऐसे में दो बार संक्रमित हुए। इस दौरान पत्नी भी संक्रमित हुई। कोरोना काल के दौरान चार सदस्यों वाले परिवार में बच्चों से अलग रहने की चुनौती थी। इसके बावजूद संक्रमितों की सेवा में लगे रहे। अब एक बार फिर से कोरोना का तेजी से प्रसार हो रहा है। इसके लिए सतर्कता जरूरी है।
- डॉ. रणवीर सिंह, वरिष्ठ फिजिशियन, नागरिक अस्पताल, रेवाड़ी
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कोरोना गाइडलाइन का करें पालन
कोरोना काल के दौरान सभी डॉक्टरों, स्वास्थ्यकर्मियों, पुलिस अधिकारियों, स्वच्छता कार्यकर्ताओं व कोरोना योद्धा की टीम बनाकर कोविड इलाज का अधिकृत अस्पताल बनाकर कोविड मरीजों की यथासंभव सेवा की। फिर से कोरोना का प्रसार हो रहा है। इसे देखते हुए लोग सावधानी बरतें। गाइडलाइन का पालन करें।
- डॉ. आदेश सक्सेना, अश्विनी सक्सेना अस्पताल, रेवाड़ी
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लोग नयमानुसार अपना टीकाकरण अवश्य कराएं
कोरोना काल के दौरान कोविड संदिग्ध मरीजों की जांच से लेकर संक्रमित होने के बाद आइसोलेशन वार्ड में उपचार तक का जिम्मा संभाला था। इसी दौरान संक्रमित हो गया, लेकिन हार नहीं मानी। ठीक होते ही फिर मरीजों सेवा में लग गए। फिर से कोरोना के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है। इसे मात देने के लिए लोग अपना नियमानुसार टीकाकरण अवश्य कराएं।
- डॉ. विशाल राव, पीएनडीटी नोडल अधिकारी, नागरिक अस्पताल, रेवाड़ी
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लोग पहले की तरह मास्क लगाएं और सामाजिक दूरी का पालन करें
कोविड काल में महिला चिकित्सकों के सामने कई चुनौतियां रहीं। डॉक्टर सब कुछ भूलकर लोगों की मरीजों की सेवा में लगे रहे। घर लौटते समय बच्चों के बीच जाना भी किसी चुनौती से कम नहीं रहा, लेकिन सभी ने मिलकर इस मुश्किल समय का सामना किया और जीतकर बाहर आए। कोरोना से बचाव के लिए सावधानी की जरूरत है। लोग पहले की तरह ही मास्क व सामाजिक दूरी के नियमों की पालना करें तो इस महामारी से बचा जा सकता है।
- डॉ. सीमा यादव, अतिरिक्त एसएमओ, नागरिक अस्पताल
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कोरोना को मात देेने के लिए नियमों का पालन करें
कोरोना से बचाव के लिए टीकाकरण में स्वयंसेवी संस्थाओं का अहम योगदान रहा। कोरोना काल में अभियान चलाकर स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर कैंप के माध्यम से लोगों का टीकाकरण करवाया। कोरोना के मरीज फिर से बढ़ने लगे हैं। इसके लिए पहले जैसी प्रक्रिया अपनानी होगी और नियमों का पालन करना होगा। तभी इसको मात दिया जा सकता है।
- थावर सिंह, प्रधान, एकता मंच सामाजिक संस्था, कोसली
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सतर्क रहें और भीड़भाड़ वाले स्थानों से दूर रहें
कोरोना की पहली लहर में रेवाड़ी आरएसओ सदस्यों को रेडक्रॉस वॉलंटियर्स के रूप में जोड़कर प्रशासन द्वारा वितरित किये जाने वाले भोजन के पैकेट की पैकिंग करवाकर जरूरतमंदों को बंटवाने में सहयोग करवाया। दूसरी लहर में सड़क सुरक्षा संगठन की आरएसओ टीम द्वारा रेडक्रॉस में ऑक्सीजन सिलिंडर वितरण सेंटर से कोविड मरीज को रेवाड़ी जिले में घर-घर पहुंचाया गया। अब फिर कोरोना के मरीज बढ़ रहे हैं। इससे बचाव के लिए सतर्कता जरूरी है। लोग मास्क लगाएं और भीड़भाड़ वाले स्थानों से दूर रहें।
- रमेश वशिष्ठ, चेयरमैन आरएसओ, सड़क सुरक्षा संगठन, हरियाणा
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फोटो: 6 से 12