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1000 ओवरलोड डंपर और जाम से मिलेगा छुटकारा, बाईपास के लिए 800 करोड़ मंजूर, जुड़ेंगे तीन हाइवे

Wed, 30 Oct 2019 01:09 AM IST
रोहतक ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रेवाड़ी (हरियाणा)
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की ओर से मंगलवार को वित्तीय मंजूरी मिलने के बाद शहर के 14.3 किमी. लंबे बाईपास निर्माण का रास्ता साफ हो गया। 18 गांवों के 1274 किसानों की 10 माह 17 दिन पहले अधिग्रहीत जमीन का मुआवजा अब जल्द मिलने की उम्मीद है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) अधिकारियों का दावा है कि 10 दिन में किसानों की 580 करोड़ रुपये का मुआवजा आवंटित कर दिया जाएगा।

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पानीपत-रेवाड़ी राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच- 71) स्थित गांव बांबड़ से शुरू होकर रेवाड़ी-सीकर एनएच-11 को जोड़ने वाले बाईपास निर्माण को वित्तीय मंजूरी मिलने से शहर में जाम से मुक्ति मिलने के साथ यहां विकास को भी नए पंख लग सकेंगे। बाईपास दिल्ली-जयपुर एनएच-48 को भी एनएच-71 पर जोड़ता है। ऐसे में तीन नेशनल हाईवे को जोड़ने वाला बाईपास जिले के लिए वरदान साबित होगा।


मंत्रालय से वित्तीय मंजूरी नहीं मिलने से निर्माण पर थे संकट के बादल
बाईपास निर्माण की घोषणा सीएम मनोहर लाल ने बावल की अनाज मंडी में रैली के दौरान 2014 में की थी। लेकिन राजनीतिक खींचतान के चलते निर्माण सिरे नहीं चढ़ पाया। करीब तीन साल पहले रेवाड़ी-सीकर रोड को नेशनल हाईवे संख्या-11 का दर्जा देने की घोषणा की गई थी। इसके बाद सरकार ने इस बाईपास को भी एनएच-11 के हिस्से में ही शामिल कर निर्माण प्रक्रिया शुरू की थी।

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इसके लिए 12 दिसंबर 2018 को गांव बांबड़, मांढैया कलां, माजरा गुरदास, बैरियावास, शहबाजपुर खालसा, डवाना, छुरियावास, धामलाका, देवलावास, कमालपुर, भवाड़ी, भाड़ावास, जाटूवास, डालियाकी, हुसैनपुर, नारायणपुर व साहरणवास सहित 18 गांवों के 1274 किसानों की जमीन अधिग्रहण करने के लिए अंतिम अवार्ड की घोषणा कर दिया गया था। लेकिन प्रक्रिया बीच में ही रुकने से किसान भी संघर्ष की राह पर थे। इसको लेकर कई बार धरना-प्रदर्शन भी किए गए। लेकिन केंद्रीय मंत्रालय की मंजूरी के बाद अब किसानों का करीब 580 करोड़ रुपये का मुआवजा मिलने का रास्ता साफ हो गया है।

टेंडर प्रक्रिया होगी शुरू
रेवाड़ी से सीकर तक निर्माणाधीन एनएच-11 का निर्माण कार्य तीन चरणों में किया जा रहा है। रेवाड़ी से अटेली व नारनौल में किसानों को मुआवजा राशि देना शुरू हो चुका है। इसके अलावा जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है। इस हिस्से पर टेंडर प्रक्रिया भी कर दी गई है। ऐसे में रेवाड़ी आउटर बाईपास निर्माण को वित्तीय मंजूरी मिलने पर करीब 15 दिन में टेंडर प्रक्रिया शुरू होने उम्मीद है।
 
दो साल में होगा निर्माण कार्य पूरा
बाईपास के लिए मुआवजा आवंटित करते ही राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की ओर से जमीन पर कब्जा शुरू कर दिया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि सब कुछ ठीक रहता तो 14.3 किमी. लंबे बाईपास निर्माण का कार्य दो साल के अंदर पूरा कर लिया जाएगा। मुआवजा राशि से अलग करीब 300 करोड़ रुपये की लागत निर्माण मेें आएगी।
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बीच शहर में बेलगाम दौड़ते 1000 ओवरलोड डंपर से मिलेगी मुक्ति
दिल्ली की ओर से राजस्थान के बीकानेर, सीकर, झुंझुनू की ओर से जाने वाले वाहनों को शहर के अंदर से होकर गुजरना पड़ता है। इसके अलावा हर रोज शहर के बीच करीब एक हजार ओवरलोड डंपर से भी लोगों को मुक्ति मिलेगी। शहर के बीच में शाम 8 बजते ही बेलगाम शहर में दौड़ते डंपर से कई बार हादसे हो चुके हैं। शहर के अंबेडकर चौक, नाईवाली चौक पर दो लोगों की मौत भी हो चुकी है। ऐसे में जाम के साथ दुर्घटनाओं से भी मुक्ति मिल सकेगी।

दिल्ली-जयपुर हाईवे की तरफ मास्टर प्लान में सेक्टर हो सकेंगे विकसित
नगर योजनाकार विभाग की ओर से तैयार मास्टर प्लान 2031 में आगामी 10 साल के दौरान करीब 30 सेक्टर विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। बाईपास निर्माण से तीनों नेशनल हाईवे के बीच सेक्टर विकसित होने का रास्ता भी साफ हो गया है। ऐसे में आने वाले दिनों में दिल्ली रोड के अलावा, भाड़ावास रोड, नारनौल रोड व बावल रोड की ओर से नए सेक्टर विकसित होने से शहर का अलग ही स्वरूप दिखाई देगा।
 
10 दिन में मुआवजा देने का रहेगा प्रयास : पीडी
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण प्रोजेक्ट डायरेक्टर पीके कौशिक ने कहा कि प्रोजेक्ट को वित्तीय मंजूरी मिल गई है। प्रयास रहेगा कि आगामी 10 दिन के अंदर जिला राजस्व विभाग को खाते में पैसा ट्रांसफर कर दिया जाए। उन्होंने कहा कि बाईपास निर्माण पर 800 करोड़ से अधिक की लागत आएगी। जल्द ही टेंडर आदि प्रक्रिया शुरू की जाएगी। उम्मीद है कि 2 साल के अंदर इसका निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा।
 
पैसा मिलते ही किया जाएगा वितरण: डीआरओ
जिला राजस्व अधिकारी (डीआरओ) मानव मलिक ने कहा कि मुआवजा एनएचएआई की तरफ से दिया जाना है। जैसे ही पैसा उनके पास आएगा बिना विलंब किए किसानों को वितरित कर दिया जाएगा।
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