हरियाणा के रेवाड़ी में ट्यूशन जा रही छात्रा से दुष्कर्म के आरोपी को ढाई साल बाद स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट ने दोषी करार देते हुए 10 साल कैद की सजा सुनाई है। साथ ही 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना नहीं भरने पर दोषी को 6 माह अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
जानकारी के अनुसार बावल क्षेत्र के एक गांव निवासी 10वीं कक्षा की छात्रा 11 नवंबर 2019 को दोपहर बाद सवा 3 अपने घर से ट्यूशन पर जा रही थी। वह गली में पहुंची तो एक कमल किशोर ने उसका हाथ पकड़ लिया और जबरदस्ती खींच कर उसे एक मकान में ले गया। उस समय युवक के और भी साथी वहां मौजूद थे। आरोपियों ने उसे कमरे में बंद कर दिया था और मुंह पर रुमाल बांध दिया था।
युवकों ने उसके हाथ भी बांध दिए थे। शाम को 6 बजे आरोपियों ने कमरे से उसे बाहर निकाला और पीड़िता ने अपने घर पहुंचकर परिजनों को घटना की जानकारी दी थी। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की तो पता चला कि छात्रा के साथ दुष्कर्म हुआ है।
अपने बयान में छात्रा ने एक युवक पर दुष्कर्म करने का भी आरोप लगाया था। पुलिस ने बाद में मामले में दुष्कर्म की धारा भी जोड़ दी थी। जांच के बाद पुलिस ने कोर्ट में चालान पेश किया। पुलिस द्वारा अदालत में रखे गए ठोस सुबूतों के आधार पर कोर्ट ने कमल किशोर को दुष्कर्म का दोषी माना है। स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट की न्यायाधीश अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अर्चना यादव ने बुधवार को दोषी को 10 साल की कैद और 10 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है।