फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Rewari: दीवार गिरने से मलबे में दबी नाबालिग लड़की और गर्भवती, मौत, ईंट भट्ठा संचालक पर लापरवाही का आरोप

Sun, 17 Dec 2023 09:20 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी (हरियाणा)

सार

आरोप है कि गांव कृष्णा नगर में ईंट भट्ठा संचालक की लापरवाही से हादसा हुआ है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया है। 
विज्ञापन
हादसे के बाद टूटी हुई दीवार। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

हरियाणा के रेवाड़ी के गांव कृष्णा नगर में ईंट भट्ठा परिसर में दीवार गिरने की वजह से नाबालिग लड़की और गर्भवती की मौत हो गई। दोनों ही अपने परिवार के साथ भट्ठे के पास बने झुग्गी झोपड़ी में रहती थीं। मृतकों की पहचान असम के सारा गांव चिराग निवासी रशीदा खातून (17) पुत्री अब्दुल रशीद और बिहार के जिला जमुई के गांव गहलौर निवासी किरण कुमारी (23) पत्नी दौलत मांझी के रूप में हुई है।

विज्ञापन


हादसे के वक्त किरण पानी की टंकी के पास कपड़े धो रही थीं और रशीदा पानी भर रही थी। इसी दौरान टंकी फट गई और भर-भराकर दीवार उनके ऊपर गिर गई। इस दौरान कुछ लोग भट्ठे से बाहर की ओर दौड़े तो कुछ लोग पानी वाले स्थान के पास पहुंचे। मौके पर देखा तो मालूम चला कि किरण और रशीदा दीवार के नीचे दबी हुई हैं।

उसके बाद उन्होंने तुरंत जैसे तैसे दोनों के ऊपर से मलबा हटवाया। इसके बाद उन्हें इलाज के लिए एंबुलेंस से सिविल अस्पताल में ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। फिलहाल पुलिस ने शिकायत के आधार पर भट्ठा मालिक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
विज्ञापन


पुलिस को दी शिकायत में दौलत मांझी ने बताया कि वह बीएस भट्ठा में परिवार के साथ ईंट पाथने का काम करता है। उसकी पत्नी किरण भट्ठा परिसर में बनी ईंटों की पानी की टंकी पर कपड़े धो रही थी। रशीदा उस वक्त पानी भर रही थी। तभी टंकी फटने से दोनों के ऊपर दीवार गई। दौलत का कहना है कि उसकी पत्नी 9 माह की गर्भवती थी। तीन वर्षीय बच्ची का मां को याद कर रो रो कर बुरा हाल है।

खस्ताहाल टंकी की कई बार की गई थी शिकायत, लेकिन संचालक ने नहीं दिया ध्यान
भट्ठे पर काम करने वालों ने बताया कि यह हादसा भट्ठा संचालक की लापरवाही की वजह से हुआ है। पुलिस को दी शिकायत में दौलत ने यह भी आरोप लगाए हैं कि उसने और अन्य भट्ठा में कार्य कर रहे लोगों ने कई बार खस्ताहाल टंकी की शिकायत भट्ठा संचालक को की थी। यह भी कहा था कि यह कभी भी फट सकती है क्योंकि पानी का रिसाव अक्सर इसमें होता रहता था। मगर भट्ठा संचालक ने ध्यान नहीं दिया और यह हादसा हो गया। अगर भट्ठा संचालक लापरवाही न बरतता तो यह हादसा बिल्कुल भी नहीं होता।

असम से 20 दिन पहले आया था रशीदा का परिवार
मृतक रशीदा खातुन की मां नुरजा खातुन ने बताया कि वह बीएस भट्ठा पर अपने पति अब्दुल रशीद व पांच बच्चों के साथ मेहनत मजदूरी करने के लिए 20 दिन पहले आए थे। उनकी पांच बच्चों में सबसे बड़ी बेटी रशीदा पानी भरने के लिए टंकी के पास गई थी। तभी टंकी फटने से मौके पर ही मौत हो गई। उन्होंने बताया कि पानी की टंकी कि स्थिति खराब होने की बात कई बार भट्ठा मालिक को बताई गई, लेकिन कभी कुछ नहीं हुआ। ये भट्ठा मालिक की लापरवाही की वजह से हादसा हुआ है। अगर व्यवस्था की गई होती तो कुछ ना होता।

सुविधाओं को लेकर किए थे बड़े वादे
भट्ठा पर काम करने वाले मजदूरों ने बताया कि उन्हें भट्ठा मालिक मजदूरी के लिए लाते समय सभी सुविधाएं मुहैया करवाने के आश्वासन देते हैं, लेकिन यहां आने पर खुद अपनी झोपड़ी बना कर रहना पड़ रहा है। यहां न ही नहाने के लिए बाथरूम है न ही शौचालयों की व्यवस्था है। खास कर महिलाओं को नहाने के लिए काफी समस्या होती है।

घटना के बाद दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया था। शिकायत के आधार पर भट्ठा मालिक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। -राजेंद्र शर्मा, प्रभारी, थाना कोसली

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें